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लखनऊ। राजधानी के एक होटल में हुई प्रेस वार्ता ने देशभर के निवेश जगत को हिलाकर रख दिया। अलग-अलग राज्यों से पहुंचे पीड़ित कारोबारियों ने आरोप लगाया कि फैशन टीवी के नाम पर 500 करोड़ रुपये से अधिक का बड़ा निवेश घोटाला किया गया। इस कथित फर्जीवाड़े में 200 से अधिक लोगों को झांसा देकर करोड़ों रुपये ऐंठे गए और अब पीड़ित आर्थिक तबाही के कगार पर पहुंच चुके हैं।

80% मुनाफे का लालच, भरोसे का जाल और करोड़ों की ठगी

प्रेस वार्ता में लखनऊ के कारोबारी मनोज अग्रवाल ने बताया कि आरोपियों ने निवेशकों को एक साल में 80 प्रतिशत तक रिटर्न का सपना दिखाया। सोशल मीडिया, इवेंट्स और बड़े-बड़े दावों के जरिए लोगों को यकीन दिलाया गया कि उनका पैसा तेजी से कई गुना बढ़ेगा। इसी लालच में आकर सैकड़ों लोगों ने अपनी जमा पूंजी झोंक दी। शुरुआत में कुछ निवेशकों को रिटर्न देकर विश्वास कायम किया गया, लेकिन धीरे-धीरे यह पूरा सिस्टम एक बड़े फर्जी नेटवर्क में बदल गया, जहां नए निवेशकों के पैसे से पुराने लोगों को भुगतान किया जाता रहा।

कर्ज लेकर निवेश करने वालों की जिंदगी तबाह

दिल्ली से आए पीड़ित विकास बंसल ने बताया कि इस घोटाले ने सैकड़ों परिवारों की आर्थिक रीढ़ तोड़ दी है। कई लोगों ने अपनी जीवनभर की कमाई लगाने के साथ-साथ कर्ज लेकर भी निवेश किया था आज हालात यह हैं कि लोग भारी कर्ज में डूबे हुए हैं, घर-परिवार संकट में हैं और मानसिक तनाव से जूझ रहे हैं। बंसल ने आरोप लगाया कि मुख्य आरोपी काशिफ खान को बचाने की कोशिश की जा रही है और मामले को दबाने का प्रयास हो रहा है।

मुंबई के कारोबारी की दर्दभरी कहानी

मुंबई से आए कारोबारी राजेश तलवानी ने अपनी आपबीती सुनाते हुए कहा कि उन्होंने करीब 12 साल पहले तीन करोड़ रुपये निवेश किए थे। समय के साथ यह रकम ब्याज सहित करीब 30 करोड़ रुपये के बराबर हो गई, लेकिन जब उन्होंने पैसा वापस मांगा तो उन्हें ब्लॉक कर दिया गया। उन्होंने कहा कि परिवार में बीमारी के दौरान भी कोई मदद नहीं मिली और अब उनकी आर्थिक स्थिति पूरी तरह चरमरा चुकी है। उनका कहना था कि यह सिर्फ ठगी नहीं, बल्कि विश्वास की हत्या है।

14 साल तक चला नेटवर्क, छोटे निवेशक बने शिकार

पीड़ितों के अनुसार यह पूरा नेटवर्क करीब 12 से 14 वर्षों तक सक्रिय रहा। शुरुआत में बड़े-बड़े पद, अंतरराष्ट्रीय ब्रांड और हाई रिटर्न का झांसा देकर लोगों को जोड़ा गया। इसके बाद फर्जी दस्तावेजों और आकर्षक स्कीम्स के जरिए लगातार निवेश कराया जाता रहा। जो लोग सवाल उठाते थे, उन पर दबाव बनाने और डराने-धमकाने के भी आरोप सामने आए हैं। छोटे निवेशकों को खासतौर पर निशाना बनाया गया, जो जल्दी मुनाफे के लालच में फंस गए।

पुलिस और सिस्टम पर भी उठे सवाल

प्रेस वार्ता में पीड़ितों ने यह भी आरोप लगाया कि कुछ लोग पुलिस और सिस्टम की मिलीभगत से इस मामले को दबाने की कोशिश कर रहे हैं। उनका कहना है कि इतने बड़े स्तर पर घोटाला होने के बावजूद अभी तक ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। पीड़ितों ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से हस्तक्षेप कर उच्च स्तरीय जांच कराने और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।

सेलिब्रिटी लिंक से बढ़ाया गया भरोसा

पीड़ित कारोबारियों ने दावा किया कि निवेशकों का विश्वास जीतने के लिए मशहूर हस्तियों के साथ जुड़ाव का हवाला दिया गया। वर्ष 2014 के आसपास अभिनेत्री शिल्पा शेट्टी और कारोबारी राज कुंद्रा के साथ कथित साझेदारी का जिक्र कर लोगों को आकर्षित किया गया। हालांकि इस संबंध में स्पष्ट आधिकारिक पुष्टि नहीं है, लेकिन पीड़ितों ने इस पूरे पहलू की निष्पक्ष जांच की मांग की है।

अब सख्त कार्रवाई की मांग

पीड़ितों ने मांग की है कि मुख्य आरोपी काशिफ खान के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए। उसका पासपोर्ट जब्त किया जाए और उसे देश छोड़कर भागने से रोका जाए। साथ ही पूरे मामले की निष्पक्ष और उच्च स्तरीय जांच कर सभी दोषियों को सजा दिलाने की अपील की गई है, ताकि भविष्य में इस तरह के बड़े घोटालों पर रोक लगाई जा सके।

निवेशकों के लिए सबक: लालच बना सबसे बड़ा जाल

यह मामला एक बार फिर साबित करता है कि ज्यादा मुनाफे का लालच सबसे बड़ा जाल बन सकता है। बिना जांच-पड़ताल के किसी भी स्कीम में निवेश करना भारी नुकसान का कारण बन सकता है विशेषज्ञों का मानना है कि निवेश से पहले कंपनी की विश्वसनीयता, कानूनी स्थिति और वित्तीय रिकॉर्ड की पूरी जांच जरूरी है।

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