बरेली। आला हजरत इमाम अहमद रजा खां फाजिले बरेलवी के 108वें उर्स-ए-रजवी के अवसर पर शुक्रवार को विभिन्न राजनीतिक दलों ने दरगाह आला हजरत पहुंचकर चादरपोशी की और मुल्क में अमन, भाईचारे, खुशहाली तथा सामाजिक सौहार्द की दुआ मांगी। समाजवादी पार्टी, एआईएमआईएम और कांग्रेस के प्रतिनिधिमंडलों ने अलग-अलग समय पर दरगाह पहुंचकर अपनी अकीदत पेश की।
सपा नेताओं ने की चादरपोशी
समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की ओर से दरगाह आला हजरत पर चादर और मुबारकबाद संदेश भेजा गया। सपा के जिलाध्यक्ष शुभलेश यादव और महानगर अध्यक्ष शमीम खां सुल्तानी के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने पहले सज्जादानशीन मुफ्ती मोहम्मद अहसन रजा खां से मुलाकात की। इसके बाद दरगाह शरीफ में चादरपोशी कर देश में शांति, सामाजिक सौहार्द और प्रदेश की खुशहाली के लिए विशेष दुआ की गई। प्रतिनिधिमंडल ने हजरत मुफ्ती मोहम्मद असजद रजा खां को भी अखिलेश यादव का संदेश और पत्र सौंपा। इस अवसर पर भोजीपुरा विधायक शहजिल इस्लाम, पूर्व सांसद प्रवीण सिंह ऐरन, पूर्व विधायक विजयपाल सिंह सहित बड़ी संख्या में पार्टी पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे।
ओवैसी की ओर से भी पेश की गई चादर
ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) का प्रतिनिधिमंडल प्रदेश महासचिव नदीम कुरैशी के नेतृत्व में दरगाह आला हजरत पहुंचा। प्रतिनिधिमंडल ने सज्जादानशीन मुफ्ती अहसन मियां से मुलाकात की और सांसद बैरिस्टर असदुद्दीन ओवैसी की ओर से भेजी गई चादर दरगाह पर अकीदत के साथ पेश की। चादरपोशी के दौरान दरगाह के मीडिया प्रभारी नासिर कुरैशी, परवेज नूरी और अजमल नूरी मौजूद रहे। प्रतिनिधिमंडल में जिलाध्यक्ष एडवोकेट मोहम्मद असलम, एडवोकेट यूसुफ, जाहिद कुरैशी, मोहसिन खान, अल्ताफ हुसैन, अनबर चौधरी, नदीम मंसूरी, रिफाकत खान, ओवैस खान, मोनिस कुरैशी, दानिश कुरैशी, तौसीफ खान, नदीम अंसारी और चांद खान समेत अन्य पदाधिकारी शामिल रहे।
कांग्रेस नेताओं ने भी जताई अकीदत
उर्स-ए-रजवी के मौके पर कांग्रेस नेताओं ने भी दरगाह आला हजरत पहुंचकर चादरपोशी की और देश में अमन, भाईचारे तथा सामाजिक सौहार्द की दुआ मांगी। कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल ने दरगाह की परंपराओं का सम्मान करते हुए अकीदत के साथ अपनी हाजिरी दर्ज कराई। 108वें उर्स-ए-रजवी के दौरान देशभर से अकीदतमंदों के साथ-साथ विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं का दरगाह पहुंचने का सिलसिला लगातार जारी है। सभी दलों के प्रतिनिधियों ने आला हजरत की शिक्षाओं को इंसानियत, भाईचारे और सामाजिक एकता का संदेश बताते हुए इन्हीं मूल्यों को आगे बढ़ाने की बात कही।