जयपुर, संवाददाता। राजस्थान में गर्मी ने अप्रैल में ही जेठ-जैसे तेवर दिखाने शुरू कर दिए हैं। मरुधरा के आसमान से बरसती आग ने आमजन का जीना मुश्किल कर दिया है। मंगलवार को चित्तौड़गढ़ 42.4 डिग्री सेल्सियस के साथ प्रदेश का सबसे गर्म जिला रहा, जबकि बाड़मेर की रात ने भी राहत छीन ली। मौसम विभाग ने अगले 4-5 दिनों के लिए चेतावनी जारी करते हुए 7 जिलों में हीटवेव (लू) का येलो अलर्ट घोषित किया है।
चित्तौड़गढ़ बना ‘हॉट स्पॉट’, 40 पार पहुंचा पारा
राजस्थान के कई जिलों में तापमान 40 डिग्री के पार पहुंच चुका है। चित्तौड़गढ़ में 42.4°C रिकॉर्ड होने के बाद हालात और गंभीर हो गए हैं। फलोदी, बीकानेर, कोटा और जोधपुर जैसे शहर भी भीषण गर्मी की चपेट में हैं। दोपहर के समय सड़कें सुनसान नजर आ रही हैं और बाजारों में सन्नाटा पसरा हुआ है।
बाड़मेर की ‘हॉट नाइट’ ने छीनी नींद
जहां दिन में आग बरस रही है, वहीं रातें भी अब राहत नहीं दे रहीं। पश्चिमी राजस्थान के बाड़मेर में न्यूनतम तापमान 29.6°C दर्ज किया गया, जो प्रदेश में सबसे ज्यादा है। फलोदी और जोधपुर में भी रात का तापमान 28°C के आसपास बना हुआ है। ऐसी ‘हॉट नाइट’ की स्थिति में शरीर को ठंडक नहीं मिलती, जिससे लोगों की बेचैनी बढ़ रही है।
जोधपुर में गर्मी का कहर: चलती बस बनी आग का गोला
भीषण गर्मी का असर अब मशीनों पर भी दिखने लगा है। जोधपुर में एक कॉलेज बस अचानक आग का गोला बन गई। हालांकि समय रहते आग पर काबू पा लिया गया और कोई जनहानि नहीं हुई, लेकिन इस घटना ने साफ कर दिया कि तापमान का असर अब खतरनाक स्तर पर पहुंच चुका है।
7 जिलों में हीटवेव का येलो अलर्ट
मौसम विज्ञान केंद्र जयपुर के अनुसार 23 से 25 अप्रैल के बीच प्रदेश के 7 जिलों— श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़, झुंझुनूं, अलवर, भरतपुर, धौलपुर और करौली में हीटवेव का येलो अलर्ट जारी किया गया है। इन इलाकों में तेज गर्म हवाएं चलने और तापमान में 2°C तक और बढ़ोतरी की संभावना जताई गई है।
आंधी के साथ चलेगी ‘लू’, और बढ़ेगी परेशानी
जोधपुर संभाग में 22 और 23 अप्रैल को 20 से 30 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से गर्म हवाएं और आंधी चलने का अनुमान है। मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक, यह स्थिति ‘लू’ के प्रभाव को और खतरनाक बना सकती है, जिससे डिहाइड्रेशन और हीट स्ट्रोक के मामले बढ़ सकते हैं। राजधानी जयपुर में अधिकतम तापमान 39.7°C दर्ज किया गया। दोपहर के समय लोग घरों में कैद रहने को मजबूर हैं। सड़कें सूनी नजर आ रही हैं और जरूरी काम के लिए ही लोग बाहर निकल रहे हैं।
अजमेर, कोटा और बीकानेर का हाल बेहाल
अजमेर में तापमान 38°C दर्ज किया गया, लेकिन अगले तीन दिनों में इसके 40°C पार जाने की संभावना है। कोटा और बीकानेर में पहले ही पारा 41°C के ऊपर पहुंच चुका है, जिससे जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। मौसम विभाग की मानें तो अगले 72 घंटे राजस्थान के लिए बेहद चुनौतीपूर्ण होने वाले हैं। तापमान में लगातार बढ़ोतरी और लू के थपेड़े लोगों की मुश्किलें बढ़ाएंगे। खासतौर पर बुजुर्गों और बच्चों के लिए यह समय ज्यादा खतरनाक साबित हो सकता है।
स्वास्थ्य पर असर: हीट स्ट्रोक का खतरा बढ़ा
डॉक्टरों ने चेतावनी दी है कि ऐसी गर्मी में शरीर जल्दी डिहाइड्रेट हो जाता है। हीट स्ट्रोक, चक्कर आना, उल्टी और बेहोशी जैसी समस्याएं बढ़ सकती हैं। अस्पतालों में गर्मी से संबंधित मरीजों की संख्या बढ़ने लगी है। अप्रैल में ही इस तरह की गर्मी ने साफ संकेत दे दिया है कि आने वाले महीने और भी कठिन होने वाले हैं। राजस्थान के लोगों के लिए यह मौसम किसी ‘अग्निपरीक्षा’ से कम नहीं है, जहां हर दिन नई चुनौती लेकर आ रहा है।