नई दिल्ली। सेमीकंडक्टर तकनीक की दुनिया में एक बड़ी उपलब्धि हासिल करते हुए टेक कंपनी IBM ने दुनिया की पहली 1 नैनोमीटर (1nm) से भी छोटी चिप विकसित करने का दावा किया है। कंपनी के अनुसार, करीब 0.7nm तकनीक पर आधारित यह चिप इंसान के नाखून जितनी छोटी है, लेकिन इसमें 100 अरब तक ट्रांजिस्टर समाए जा सकते हैं। इस उपलब्धि को भविष्य की कंप्यूटिंग और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के लिए गेमचेंजर माना जा रहा है।

चिप किसी भी इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस का ‘दिमाग’ होती है। स्मार्टफोन, लैपटॉप, कंप्यूटर, टैबलेट, टीवी, फ्रिज और अन्य स्मार्ट उपकरण सेमीकंडक्टर चिप के बिना काम नहीं कर सकते। फिलहाल दुनिया 2nm चिप तकनीक की ओर बढ़ रही है, ऐसे में 1nm से भी छोटी चिप का विकास तकनीकी क्षेत्र में बड़ी छलांग माना जा रहा है।

क्यों खास है IBM की नई चिप

IBM के मुताबिक नई चिप 0.7nm नोड पर विकसित नए ट्रांजिस्टर आर्किटेक्चर पर आधारित है। इसका आकार बेहद छोटा होने के बावजूद इसमें 100 अरब ट्रांजिस्टर लगाए जा सकते हैं। अधिक ट्रांजिस्टर होने का मतलब है कि चिप ज्यादा तेज, अधिक शक्तिशाली और बेहतर ऊर्जा दक्षता के साथ काम करेगी।

2nm चिप से 50% ज्यादा तेज

कंपनी का दावा है कि नई चिप मौजूदा 2nm चिप की तुलना में लगभग 50 प्रतिशत बेहतर प्रदर्शन करेगी। इसके अलावा यह ऊर्जा की खपत में करीब 70 प्रतिशत तक की बचत करने में सक्षम होगी। इससे स्मार्टफोन की बैटरी ज्यादा समय तक चलेगी, डेटा सेंटर कम बिजली खर्च करेंगे और हाई-परफॉर्मेंस कंप्यूटिंग पहले से अधिक प्रभावी होगी।

AI और क्लाउड टेक्नोलॉजी को मिलेगा बड़ा फायदा

IBM का कहना है कि यह नई तकनीक जनरेटिव आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), क्लाउड कंप्यूटिंग, सुपरकंप्यूटर, 5G/6G नेटवर्क और भविष्य के डेटा सेंटरों के लिए बेहद उपयोगी साबित होगी। इससे बड़े पैमाने पर डेटा प्रोसेसिंग तेज और अधिक ऊर्जा-कुशल हो सकेगी।

‘नैनोस्टैक’ तकनीक से मिली सफलता

इस चिप को विकसित करने के लिए IBM के शोधकर्ताओं ने ‘नैनोस्टैक’ (Nanostack) नाम की नई ट्रांजिस्टर आर्किटेक्चर तकनीक विकसित की है। इसमें 3D इंटीग्रेशन का उपयोग कर एक ही चिप पर अधिक संख्या में ट्रांजिस्टर लगाए जा सकते हैं। इससे चिप का आकार छोटा रखते हुए उसकी क्षमता कई गुना बढ़ाई जा सकती है।

अभी रिसर्च चरण में, 5 साल में हो सकता है व्यावसायिक उत्पादन

हालांकि यह तकनीक अभी अनुसंधान के चरण में है, लेकिन IBM का मानना है कि नैनोस्टैक तकनीक को व्यावसायिक उत्पादन तक पहुंचाया जा सकता है। कंपनी को उम्मीद है कि अगले पांच वर्षों में इस तकनीक पर आधारित चिप का बड़े पैमाने पर निर्माण शुरू हो सकता है। यदि ऐसा होता है तो यह सेमीकंडक्टर उद्योग में एक नए युग की शुरुआत होगी।

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