नई दिल्ली। शिक्षा के क्षेत्र में भारत ने एक और बड़ी वैश्विक उपलब्धि हासिल की है। ‘वर्ल्ड्स बेस्ट स्कूल प्राइज 2026’ की टॉप-10 शॉर्टलिस्ट में भारत के सात स्कूलों ने जगह बनाई है। इसके साथ ही भारत दुनिया का पहला और इकलौता देश बन गया है, जिसके एक ही वर्ष में सबसे अधिक स्कूल इस प्रतिष्ठित पुरस्कार की अंतिम सूची में शामिल हुए हैं।
यह पुरस्कार यूनाइटेड किंगडम (यूके) स्थित संस्था T4 एजुकेशन की ओर से दिए जाते हैं। संस्था हर साल पांच अलग-अलग श्रेणियों में दुनिया के सर्वश्रेष्ठ स्कूलों का चयन करती है। इस बार भारत के सात स्कूल अलग-अलग श्रेणियों में टॉप-10 शॉर्टलिस्ट में शामिल हुए हैं, जिसे भारतीय शिक्षा व्यवस्था के लिए बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है।
फाउंडर विकास पोटा ने की भारतीय स्कूलों की सराहना
T4 एजुकेशन और ‘वर्ल्ड्स बेस्ट स्कूल प्राइज’ के संस्थापक विकास पोटा ने कहा कि शॉर्टलिस्ट किए गए सभी स्कूल अपने-अपने अनोखे प्रयासों से विद्यार्थियों को भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि आज दुनिया संघर्ष, असमानता और जलवायु परिवर्तन जैसी गंभीर समस्याओं का सामना कर रही है। ऐसे समय में इन स्कूलों का कार्य दुनिया के लिए प्रेरणादायक है और अन्य देशों को भी इनसे सीख लेनी चाहिए।
कम्युनिटी चॉइस अवॉर्ड के लिए शुरू हुई ऑनलाइन वोटिंग
दुनिया भर से चुने गए सभी 50 शॉर्टलिस्टेड स्कूलों, जिनमें भारत के सात स्कूल भी शामिल हैं, को ‘कम्युनिटी चॉइस अवॉर्ड’ के लिए भी नामित किया गया है। इसके लिए ऑनलाइन सार्वजनिक मतदान शुरू हो चुका है। दुनिया भर के लोग अपने पसंदीदा स्कूल को ऑनलाइन वोट दे सकते हैं।
जनवरी 2027 में होगा विजेताओं का ऐलान
विजेता स्कूलों की घोषणा जनवरी 2027 में लंदन में आयोजित होने वाले प्रतिष्ठित ‘वर्ल्ड स्कूल्स समिट’ के दौरान की जाएगी। इस कार्यक्रम में सभी शॉर्टलिस्टेड स्कूलों को भी आमंत्रित किया जाएगा।
कोविड के बाद शुरू हुए थे ये प्रतिष्ठित पुरस्कार
‘वर्ल्ड्स बेस्ट स्कूल प्राइज’ की शुरुआत कोविड-19 महामारी के बाद की गई थी। इसका उद्देश्य उन स्कूलों को सम्मानित करना है, जिन्होंने शिक्षा, नवाचार और सामाजिक बदलाव के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान दिया है। यह इस पुरस्कार का चौथा संस्करण है और इस बार भारत ने सात स्कूलों के शॉर्टलिस्ट होने के साथ नया वैश्विक रिकॉर्ड अपने नाम किया।