प्रयागराज। उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में लगातार बढ़ रही भीषण गर्मी को देखते हुए जिला प्रशासन ने बड़ा फैसला लिया है। छोटे बच्चों को लू और तेज धूप से बचाने के लिए कक्षा 1 से 8वीं तक के सभी स्कूलों के समय में बदलाव कर दिया गया है। अब ये स्कूल सुबह 7:30 बजे से दोपहर 12 बजे तक ही संचालित होंगे। यह आदेश 20 अप्रैल से लागू कर दिया गया है और जिले के सभी बोर्ड के स्कूलों पर अनिवार्य रूप से लागू होगा।
डीएम के आदेश के बाद बदली टाइमिंग
प्रयागराज के जिलाधिकारी Manish Kumar Verma ने बढ़ते तापमान को देखते हुए यह अहम निर्णय लिया है। उन्होंने जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी को निर्देश दिए हैं कि सभी स्कूलों में इस आदेश का सख्ती से पालन कराया जाए। नई समय सारिणी के अनुसार, अब प्राथमिक और जूनियर स्कूलों में पढ़ाई सुबह 7:30 बजे शुरू होकर दोपहर 12 बजे तक ही चलेगी। इससे पहले स्कूल सुबह 8 बजे से दोपहर 2 बजे तक संचालित हो रहे थे।
सभी बोर्ड के स्कूलों पर लागू होगा आदेश
यह आदेश सिर्फ सरकारी स्कूलों तक सीमित नहीं है, बल्कि जिले के सभी परिषदीय, सहायता प्राप्त, मान्यता प्राप्त, सीबीएसई, आईसीएसई और अन्य बोर्डों के स्कूलों पर लागू होगा। जिला प्रशासन ने स्पष्ट कर दिया है कि आदेश का उल्लंघन करने वाले स्कूलों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। इसके लिए बेसिक शिक्षा विभाग को निगरानी की जिम्मेदारी दी गई है।
40 डिग्री के पार पहुंच रहा तापमान
प्रयागराज में इन दिनों तापमान लगातार 40 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच रहा है। दोपहर के समय गर्म हवाएं यानी लू चल रही हैं, जिससे छोटे बच्चों के स्वास्थ्य पर खतरा बढ़ गया है। पहले स्कूलों की छुट्टी दोपहर 2 बजे होती थी, उस समय तापमान अपने चरम पर होता था। ऐसे में बच्चों को घर लौटते समय तेज धूप और गर्म हवाओं का सामना करना पड़ता था।
12 बजे तक छुट्टी से मिलेगी राहत
नई व्यवस्था के तहत बच्चों की छुट्टी अब दोपहर 12 बजे होगी, जब तापमान अपेक्षाकृत कम रहता है। इससे बच्चों को लू और डिहाइड्रेशन जैसी समस्याओं से बचाया जा सकेगा। अभिभावकों और शिक्षकों ने भी इस फैसले का स्वागत किया है। उनका कहना है कि छोटे बच्चों के लिए यह निर्णय बेहद जरूरी था।
गर्मी से बचाव के लिए जारी हुई एडवाइजरी
स्कूलों की टाइमिंग बदलने के साथ-साथ जिला प्रशासन ने गर्मी से बचाव के लिए एडवाइजरी भी जारी की है। इसमें बच्चों और अभिभावकों को कुछ जरूरी सावधानियां बरतने की सलाह दी गई है:
- बच्चों को हल्के और सूती कपड़े पहनाएं
- स्कूल जाते समय पानी की बोतल जरूर दें
- तेज धूप में अनावश्यक बाहर निकलने से बचें
- घर लौटते ही बच्चों को ठंडा पानी और आराम दें
अभिभावकों में दिखी राहत
इस फैसले के बाद अभिभावकों ने राहत की सांस ली है। उनका कहना है कि पिछले कुछ दिनों से गर्मी इतनी ज्यादा बढ़ गई थी कि बच्चों को स्कूल भेजना चिंता का विषय बन गया था। कई अभिभावकों ने बताया कि दोपहर में बच्चों को घर लौटते समय चक्कर आने और थकान की शिकायत भी होने लगी थी।
अन्य जिलों में भी हो सकता है फैसला
विशेषज्ञों का मानना है कि जिस तरह से तापमान बढ़ रहा है, वैसे में अन्य जिलों में भी इसी तरह के फैसले लिए जा सकते हैं। हर साल गर्मियों में स्कूलों की टाइमिंग में बदलाव किया जाता है, लेकिन इस बार गर्मी जल्दी और ज्यादा तीव्र रूप में आई है, जिससे प्रशासन को जल्द निर्णय लेना पड़ा।
शिक्षा पर असर नहीं, बल्कि सुरक्षा प्राथमिकता
प्रशासन का कहना है कि इस बदलाव से पढ़ाई पर कोई नकारात्मक असर नहीं पड़ेगा। स्कूलों को निर्देश दिए गए हैं कि कम समय में प्रभावी पढ़ाई सुनिश्चित की जाए। साथ ही बच्चों की सुरक्षा और स्वास्थ्य को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए।