बरेली। सीएम ग्रिड योजना के दूसरे चरण के तहत सोमवार को नगर निगम ने कोहाड़ापीर पेट्रोल पंप से कुदेशिया रोड तक सड़क चौड़ीकरण के लिए अतिक्रमण हटाने का अभियान शुरू कर दिया। सुबह तीन बुलडोजर, जेसीबी, अतिक्रमण दस्ता और भारी पुलिस बल के साथ नगर निगम की टीम मौके पर पहुंची। पहले से लाल निशान लगाकर चिन्हित किए गए 7 से 17 फीट तक के अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की गई। अभियान की शुरुआत जीआरएम स्कूल की बाउंड्रीवॉल तोड़ने से हुई, जिसके बाद विवाद खड़ा हो गया।
नगर आयुक्त संजीव कुमार मौर्य के निर्देशन में मुख्य अभियंता मनीष अवस्थी की अगुवाई में चली कार्रवाई के दौरान एई मुकेश शाक्य, जेई वीर प्रताप पटेल, विकास साहू समेत नगर निगम का अमला मौजूद रहा। अधिकारियों का कहना है कि सड़क चौड़ीकरण के लिए पूर्व में पैमाइश कर लाल निशान लगाए गए थे और संबंधित लोगों को नोटिस भी जारी किए जा चुके थे।
स्कूल प्रबंधन ने कार्रवाई पर उठाए सवाल
जीआरएम स्कूल के डायरेक्टर राजेश अग्रवाल जौली ने नगर निगम की कार्रवाई को लेकर आपत्ति जताई। उनका कहना है कि स्कूल प्रबंधन लगातार पैमाइश की रिपोर्ट उपलब्ध कराने की मांग करता रहा, लेकिन कभी 10 फीट तो कभी 15 फीट अतिक्रमण बताकर अलग-अलग दावे किए गए। उन्होंने कहा कि स्कूल की छुट्टियों में सीमांकन कर कार्रवाई करने का अनुरोध भी किया गया था, ताकि बच्चों की सुरक्षा प्रभावित न हो। इसके बावजूद बिना स्पष्ट रिपोर्ट और पूर्व सूचना के दीवार तोड़ना उचित नहीं है। कार्रवाई के दौरान जब बुलडोजर ने स्कूल की बाउंड्रीवॉल तोड़ी तो मलबे से वर्ष 1965 अंकित ईंटें सामने आईं। स्थानीय लोगों ने दावा किया कि यह दीवार करीब 61 वर्ष पुरानी थी। लोगों का कहना है कि स्कूल परिसर वर्षों से सामाजिक और सांस्कृतिक आयोजनों का केंद्र रहा है और यहां हर वर्ष होली मिलन समारोह भी आयोजित होता है।
बुलडोजर पहुंचते ही मची अफरा-तफरी
नगर निगम की टीम के पहुंचते ही सड़क किनारे रहने वाले लोगों और दुकानदारों में हड़कंप मच गया। जिन भवनों पर पहले से लाल निशान लगे थे, उनके मालिकों ने नुकसान कम करने के लिए खुद ही अपनी दुकान और मकानों के हिस्से तोड़ने शुरू कर दिए। कई लोग मलबा हटाते और सामान सुरक्षित करते दिखाई दिए। जीआरएम स्कूल की दीवार गिराए जाने के बाद स्थानीय लोगों ने विरोध जताना शुरू कर दिया। विरोध बढ़ने की संभावना को देखते हुए नगर निगम की टीम ने फिलहाल आगे की कार्रवाई रोक दी और मौके से लौट गई।
एक समान पैमाने पर कार्रवाई न होने का आरोप
स्थानीय लोगों का आरोप है कि सड़क के दोनों ओर अलग-अलग दूरी पर निशान लगाए गए हैं। उनका कहना है कि एक तरफ 10 फीट तो दूसरी ओर 17 फीट से अधिक तक अतिक्रमण चिन्हित किया गया है। लोगों ने कार्रवाई से पहले पूरी सर्वे रिपोर्ट और पैमाइश सार्वजनिक करने की मांग की है। नगर आयुक्त संजीव कुमार मौर्य ने कहा कि जीआरएम स्कूल की बाउंड्रीवॉल अतिक्रमण की सीमा में आ रही थी। स्कूल प्रबंधन को पहले ही नोटिस देकर स्वयं दीवार हटाने का पर्याप्त समय दिया गया था। निर्धारित समय में कार्रवाई नहीं होने पर नगर निगम ने लगभग 15 फीट क्षेत्र में बाउंड्रीवॉल हटाने की कार्रवाई की है। सीएम ग्रिड योजना के कार्य में किसी भी प्रकार की अनावश्यक देरी स्वीकार नहीं की जाएगी।