बरेली। भारतीय सेना की नई डिजिटल कॉम्बैट यूनिफॉर्म के अवैध कारोबार का बड़ा खुलासा करते हुए कैंट पुलिस और आर्मी इंटेलिजेंस की संयुक्त टीम ने नकटिया क्षेत्र से एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। कार्रवाई के दौरान भारी मात्रा में प्रतिबंधित आर्मी यूनिफॉर्म का कपड़ा और उससे संबंधित सामग्री बरामद की गई। मामले के सामने आने के बाद सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट हो गई हैं और अब इस नेटवर्क से जुड़े खरीदारों व सप्लायरों की तलाश शुरू कर दी गई है।

आर्मी इंटेलिजेंस से मिली सूचना के आधार पर कैंट पुलिस ने नकटिया स्थित एक दुकान पर छापा मारा। छापेमारी में सात बंडल 200-200 मीटर, पांच बंडल 100-100 मीटर तथा दो प्लास्टिक बैग में करीब 150 मीटर प्रतिबंधित आर्मी कॉम्बैट यूनिफॉर्म का कपड़ा बरामद किया गया। इसके अलावा जूते के फीते, कपड़े की टोली और गोलाकार वैल्क्रो भी कब्जे में लिए गए।

नवंबर 2023 से लागू हुई नई यूनिफॉर्म

भारतीय सेना ने नवंबर 2023 में डिजिटल पिक्सल पैटर्न वाली नई कॉम्बैट यूनिफॉर्म लागू की थी। सुरक्षा कारणों से इस यूनिफॉर्म के कपड़े की बिक्री, भंडारण और वितरण पर सख्त प्रतिबंध लगाया गया है, ताकि कोई भी व्यक्ति सेना की पहचान का गलत इस्तेमाल न कर सके। पूछताछ में आरोपी ने अपनी पहचान नकटिया के मोहनपुर निवासी अरबाज उर्फ जियाउल के रूप में बताई। उसने स्वीकार किया कि वह सेना की वर्दी तैयार करने का काम करता है। आरोपी के मुताबिक उसने यह प्रतिबंधित कपड़ा राजस्थान के श्रीगंगानगर स्थित एक फैक्ट्री से मंगवाया था और उसे बरेली के एक ग्राहक को ऊंची कीमत पर बेचने की तैयारी कर रहा था।

सीएसडी में उपलब्धता कम, बढ़ी मांग

आरोपी ने पुलिस को बताया कि नई कॉम्बैट यूनिफॉर्म लागू होने के बाद इसकी मांग बढ़ गई है। सीएसडी कैंटीन में कपड़ा आसानी से उपलब्ध नहीं होने के कारण वह बाहर से कपड़ा मंगवाकर महंगे दामों पर बेचता था। इसी वजह से उसने इस कारोबार को अपना धंधा बना लिया।

फर्जी फौजी बनकर अपराध की आशंका

जांच एजेंसियां इस बात की भी पड़ताल कर रही हैं कि प्रतिबंधित यूनिफॉर्म की खरीदारी करने वाले लोग कौन हैं और उनका मकसद क्या था। आशंका जताई जा रही है कि कहीं इस वर्दी का इस्तेमाल फर्जी सैन्यकर्मी बनकर लोगों को गुमराह करने या किसी आपराधिक गतिविधि को अंजाम देने के लिए तो नहीं किया जाना था। नकटिया चौकी प्रभारी रोहित तोमर की तहरीर पर आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। पुलिस और आर्मी इंटेलिजेंस की संयुक्त टीम उससे गहन पूछताछ कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि जांच आगे बढ़ने पर इस अवैध नेटवर्क से जुड़े कई अन्य नाम भी सामने आ सकते हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *