बरेली। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम) में वित्तीय अनियमितता का एक गंभीर मामला सामने आया है। आलमपुर जफराबाद ब्लॉक की 14 समूह सखियों के मानदेय के लिए स्वीकृत 1.56 लाख रुपये कथित तौर पर क्यारा ब्लॉक के आदि शक्ति और सागर प्रेरणा सीएलएफ के खातों में ट्रांसफर कर दिए गए। चार दिन बीत जाने के बाद भी राशि सही खातों में नहीं पहुंचने से विभाग में हड़कंप मचा हुआ है। सबसे बड़ा सवाल यह है कि भुगतान प्रक्रिया से जुड़ी अनिवार्य नोटशीट इस बार विभागीय रिकॉर्ड और व्हाट्सएप ग्रुप से गायब बताई जा रही है, जिससे पूरे मामले पर सवाल उठ रहे हैं।
मामले का खुलासा तब हुआ जब विभागीय व्हाट्सएप ग्रुप का एक स्क्रीनशॉट सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। समूह सखियों का कहना है कि प्रत्येक भुगतान से पहले वित्तीय स्वीकृति की नोटशीट ग्रुप में साझा की जाती थी, लेकिन इस बार ऐसा नहीं किया गया। आरोप है कि नोटशीट साझा न किए जाने से पूरे भुगतान की प्रक्रिया संदेह के घेरे में आ गई है और इसी वजह से वित्तीय अनियमितता की आशंका जताई जा रही है।
बीएमएम और डीसी से सीधे सवाल, जवाब का इंतजार
वायरल स्क्रीनशॉट में एक समूह सखी ने ब्लॉक मिशन मैनेजर (बीएमएम) सुनंदा से लगातार तीन दिन तक जानकारी न देने पर सवाल उठाए हैं। संदेश में उपायुक्त (स्वरोजगार) को भी टैग करते हुए पूछा गया है कि जब जिले से सभी ब्लॉकों का एफटीओ (फंड ट्रांसफर ऑर्डर) जारी हो चुका था तो शिव शक्ति सीएलएफ का बजट दूसरे ब्लॉक में कैसे स्थानांतरित हो गया। पीड़ित सखियों का आरोप है कि अब तक उन्हें किसी स्तर पर संतोषजनक जवाब नहीं मिला है।
तीन साल पुराने ‘कविता प्रकरण’ की फिर चर्चा
मामले के सामने आने के बाद विभाग में तीन वर्ष पुराने भोजीपुरा ब्लॉक के चर्चित कविता गंगवार प्रकरण की भी चर्चा तेज हो गई है। उस समय मानदेय की राशि गलत खाते में चली गई थी, जिसे अगले ही दिन वापस सही खाते में मंगाकर भुगतान कर दिया गया था। इसके बावजूद तत्कालीन बीडीओ की ओर से मुकदमा दर्ज कराया गया और संबंधित अधिकारी की सेवाएं समाप्त कर दी गई थीं। मौजूदा मामले में चार दिन बाद भी न राशि वापस हुई और न ही किसी अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई हुई, जिससे विभाग के दोहरे रवैये पर सवाल उठ रहे हैं।
चार दिन बाद भी कार्रवाई नहीं, बढ़ा आक्रोश
समूह सखियों का कहना है कि उनके मानदेय का भुगतान अब तक नहीं हुआ है, जबकि दूसरी ओर राशि दूसरे ब्लॉक में पहुंच चुकी है। विभाग की चुप्पी और कार्रवाई में देरी से सखियों में नाराजगी है। सवाल उठ रहे हैं कि आखिर यह राशि किस प्रक्रिया के तहत दूसरे ब्लॉक में ट्रांसफर हुई और जिम्मेदारी किसकी तय होगी।
CDO का बयान
यह एक गंभीर मामला है। डीसी एनआरएलएम को बुलाकर पूछा जाएगा कि पैसा गलत तरीके से कैसे ट्रांसफर हुआ और अब तक सही खातों में वापस क्यों नहीं पहुंचा। पूरे प्रकरण की जांच कराई जाएगी।
देवयानी, मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ)