शादियों के सीजन के बीच सोमवार को जूलरी कंपनियों के शेयरों में बड़ी गिरावट देखने को मिली। बाजार खुलते ही टाइटन, सेनको गोल्ड और कल्याण जूलर्स जैसी कंपनियों के शेयर तेजी से टूट गए। निवेशकों की बिकवाली के पीछे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का वह बयान माना जा रहा है, जिसमें उन्होंने देशवासियों से एक साल तक सोने की खरीद कम करने की अपील की थी।
सेनको गोल्ड और कल्याण जूलर्स में सबसे ज्यादा गिरावट
कारोबार के दौरान सेनको गोल्ड के शेयर करीब 10 फीसदी तक टूट गए। वहीं कल्याण जूलर्स के शेयरों में भी 9 फीसदी से ज्यादा गिरावट दर्ज की गई। टाटा ग्रुप की कंपनी टाइटन के शेयरों में भी तेज दबाव देखने को मिला और शेयर करीब 8 फीसदी तक फिसल गया। विशेषज्ञों का कहना है कि निवेशकों को आशंका है कि अगर सोने की मांग कमजोर होती है तो जूलरी कंपनियों की बिक्री और मुनाफे पर असर पड़ सकता है।
सोने के आयात को लेकर बढ़ी चिंता
भारत दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा सोना उपभोक्ता देश है और घरेलू जरूरतों का बड़ा हिस्सा आयात से पूरा होता है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, पिछले वित्त वर्ष में भारत हर महीने करीब 60 टन सोना आयात कर रहा था। अब सरकार विदेशी मुद्रा बचाने और आयात का दबाव कम करने पर फोकस कर रही है। इसी बीच बैंकों पर टैक्स बोझ बढ़ने और आयात में कमी की खबरों ने भी बाजार की चिंता बढ़ा दी है।
मजबूत नतीजों के बावजूद शेयरों पर दबाव
दिलचस्प बात यह है कि कई जूलरी कंपनियों ने हाल ही में मजबूत तिमाही नतीजे पेश किए हैं। टाइटन का मार्च तिमाही का मुनाफा पिछले साल के मुकाबले 35 फीसदी बढ़ा, जबकि कल्याण जूलर्स का नेट प्रॉफिट दोगुने से ज्यादा उछला। इसके बावजूद बाजार में बिकवाली का दबाव बना रहा।
निवेशकों की नजर आगे की मांग पर
मार्केट एक्सपर्ट्स का मानना है कि आने वाले महीनों में सोने की मांग, आयात नीति और वैश्विक कीमतों पर निवेशकों की नजर रहेगी। फिलहाल बाजार में अनिश्चितता के चलते जूलरी सेक्टर दबाव में दिखाई दे रहा है।