पीलीभीत। पीलीभीत टाइगर रिजर्व (पीटीआर) के सबसे चर्चित पर्यटन स्थल चूका बीच पर अब खतरे की घंटी बज चुकी है। पहले दो बाघ शावकों की मौजूदगी और अब पार्किंग तक पहुंचे भालू ने वन विभाग को हाई अलर्ट पर ला दिया है। हालात ऐसे हैं कि जहां पहले नाइट स्टे पर रोक लगाई गई थी, वहीं अब दिन में भी पर्यटकों की सुरक्षा बड़ी चुनौती बनती जा रही है।
रविवार को चूका बीच की पार्किंग में अचानक एक भालू पहुंच गया। भालू को देखते ही वहां मौजूद पर्यटकों में अफरा-तफरी मच गई। गाइडों और सफारी वाहन चालकों ने तत्काल सतर्कता दिखाते हुए पर्यटकों को सुरक्षित वाहनों में बैठाकर क्षेत्र से दूर किया। कुछ देर के लिए पूरा इलाका दहशत के साए में आ गया।
दो बाघों का मूवमेंट बना चिंता का कारण
वन विभाग के मुताबिक डेढ़ वर्ष से अधिक उम्र के दो बाघ शावक लगातार चूका बीच और उसके आसपास के क्षेत्र में देखे जा रहे हैं। शावकों की मौजूदगी का सीधा मतलब है कि उनकी मां बाघिन भी आसपास हो सकती है। यही वजह है कि वन विभाग किसी भी तरह का जोखिम लेने के मूड में नहीं है। चूका बीच की ट्री हट्स कभी पर्यटकों की पहली पसंद हुआ करती थीं, लेकिन बाघ शावकों की लगातार मौजूदगी के कारण वहां रात्रि प्रवास पहले ही बंद कर दिया गया था। अब वन विभाग दिन के समय भी विशेष निगरानी रख रहा है ताकि किसी अप्रिय घटना को रोका जा सके।
छुट्टियों में उमड़ रही भीड़, बढ़ी सुरक्षा की चुनौती
स्कूलों में ग्रीष्मकालीन अवकाश शुरू होने के बाद पीटीआर में पर्यटकों की संख्या तेजी से बढ़ी है। खासकर शनिवार और रविवार को बड़ी संख्या में लोग जंगल सफारी के साथ चूका बीच का आनंद लेने पहुंच रहे हैं। ऐसे में वन्यजीवों की बढ़ती गतिविधियां वन विभाग के लिए बड़ी चुनौती बन गई हैं। पर्यटकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए वन विभाग ने चूका क्षेत्र में दो हाथियों को स्थायी रूप से तैनात कर दिया है। इसके अलावा पार्किंग गेट पर दो वन कर्मियों की ड्यूटी लगाई गई है। पार्किंग से बीच तक करीब 200 मीटर पैदल मार्ग होने के कारण इस पूरे रास्ते पर विशेष निगरानी रखी जा रही है।
सीसीटीवी से हर हलचल पर नजर
चूका क्षेत्र में लगाए गए सीसीटीवी कैमरों से वन्यजीवों की गतिविधियों पर चौबीसों घंटे निगरानी रखी जा रही है। जैसे ही किसी बाघ या अन्य वन्यजीव की मौजूदगी की सूचना मिलती है, वनकर्मी तत्काल सक्रिय होकर पर्यटकों को सुरक्षित क्षेत्र में पहुंचाते हैं और वन्यजीवों को बीच से दूर करने की कार्रवाई करते हैं। पीलीभीत टाइगर रिजर्व के डीएफओ मनीष सिंह ने बताया कि 15 जून को पर्यटन सत्र समाप्त होने तक चूका बीच पर विशेष सुरक्षा व्यवस्था लागू रहेगी। दो हाथियों और अतिरिक्त वन कर्मियों की तैनाती जारी रहेगी ताकि पर्यटकों की सुरक्षा से कोई समझौता न हो।