बरेली। मीरगंज थाना क्षेत्र के जौनेर गांव में मंगलवार सुबह एक दर्दनाक हादसे ने पूरे गांव को गम में डुबो दिया। घर के बाहर खेलते-खेलते निकला चार वर्षीय अलीम गांव के पास बने करीब 10 फीट गहरे पानी भरे गड्ढे में डूब गया। काफी देर तक तलाश के बाद उसका शव गड्ढे में उतराता मिला। घटना के बाद परिवार में कोहराम मच गया, जबकि ग्रामीणों ने ग्राम प्रधान पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए नारेबाजी की।
परिजनों के अनुसार, सुबह करीब 10 बजे अलीम घर के बाहर खेल रहा था। कुछ देर बाद जब वह दिखाई नहीं दिया तो उसकी मां फिजा और अन्य परिजनों ने तलाश शुरू की। देखते ही देखते पूरा गांव खोजबीन में जुट गया। काफी देर बाद गांव के पास बने पानी से भरे गहरे गड्ढे में मासूम का शव दिखाई दिया। शव मिलते ही परिवार में चीख-पुकार मच गई।
बारिश के पानी से भर गया था गड्ढा
ग्रामीणों ने बताया कि जिस गड्ढे में अलीम डूबा, वह आबादी और मुख्य सड़क के बिल्कुल पास स्थित है। हाल की बारिश के कारण गड्ढा पूरी तरह पानी से भर गया था। ऊपर प्लास्टिक, पॉलीथीन और अन्य कचरा जमा होने से उसकी गहराई का अंदाजा लगाना मुश्किल था। ग्रामीणों का आरोप है कि गड्ढे के चारों ओर न तो बैरिकेडिंग की गई थी, न कोई चेतावनी बोर्ड लगाया गया था और न ही सुरक्षा के अन्य इंतजाम किए गए थे। उनका कहना है कि यदि समय रहते सुरक्षा व्यवस्था की जाती तो मासूम की जान बचाई जा सकती थी।
मां का रो-रोकर बुरा हाल, पिता दिल्ली से रवाना
अलीम की मौत के बाद उसकी मां फिजा का रो-रोकर बुरा हाल है। गांव की महिलाएं उन्हें संभालती रहीं। अलीम आंगनवाड़ी में पढ़ता था। उसके पिता आलम दिल्ली में मजदूरी कर परिवार का पालन-पोषण करते हैं। बेटे की मौत की सूचना मिलते ही वह दिल्ली से गांव के लिए रवाना हो गए। समाचार लिखे जाने तक वह घर नहीं पहुंच सके थे।
ग्रामीणों ने प्रधान पर लगाया लापरवाही का आरोप
हादसे के बाद बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर एकत्र हो गए और ग्राम प्रधान के खिलाफ नारेबाजी की। उनका कहना था कि आबादी के पास बने इस गहरे गड्ढे को बिना सुरक्षा इंतजाम के छोड़ देना गंभीर लापरवाही है।
क्या बोले ग्राम प्रधान
ग्राम प्रधान मुनेद्र शर्मा ने बताया कि गांव से घूरे हटाए गए थे और कुछ घरों का पानी सड़क पर आ रहा था। जल निकासी की समस्या को दूर करने के लिए यह गड्ढा खुदवाया गया था। उन्होंने घटना पर दुख जताते हुए कहा कि यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण हादसा है।