देश में डिजिटल पेमेंट सिस्टम को और अधिक सुरक्षित, तेज और व्यापक बनाने के लिए अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की एंट्री होने जा रही है। नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) के एमडी एवं सीईओ दिलीप असबे ने UPI को लेकर बड़ा रोडमैप तैयार किया है। इसके तहत रोजाना होने वाले UPI ट्रांजैक्शन को मौजूदा 75 करोड़ से बढ़ाकर 1 अरब (100 करोड़) तक पहुंचाने और 50 करोड़ नए यूजर्स को जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है।

NPCI के मुताबिक, इस लक्ष्य को हासिल करने में AI सबसे अहम भूमिका निभाएगा। AI की मदद से ऑनलाइन धोखाधड़ी पर लगाम लगाने, फर्जी खातों की पहचान करने और यूजर्स की सुरक्षा मजबूत करने की योजना बनाई गई है। इसके अलावा AI आधारित सिस्टम के जरिए मर्चेंट्स और ग्राहकों को आसानी से क्रेडिट (लोन) उपलब्ध कराने की दिशा में भी काम किया जा रहा है।

नई तकनीक के तहत भारतीय भाषाओं और वॉयस कमांड आधारित सुविधाओं को भी बढ़ावा दिया जाएगा, जिससे ग्रामीण और नए यूजर्स के लिए डिजिटल भुगतान करना और आसान हो सके। NPCI का मानना है कि इससे देश के करोड़ों लोग पहली बार डिजिटल पेमेंट सिस्टम से जुड़ सकेंगे।

फिनटेक कंपनियों को मिलेगा नया मौका

NPCI प्रमुख का कहना है कि भारत में तेजी से बढ़ रहे डिजिटल ट्रांजैक्शन को देखते हुए मजबूत AI मॉडल विकसित करने की जरूरत है। उन्होंने फिनटेक कंपनियों से छोटे भाषा मॉडल (Small Language Models) विकसित करने की अपील की, ताकि भारतीय डेटा के आधार पर अधिक सटीक और सुरक्षित AI समाधान तैयार किए जा सकें। NPCI का AI आधारित FIMI मॉडल पहले से ही लाखों ग्राहकों की पेमेंट संबंधी समस्याओं का त्वरित समाधान कर रहा है।

BHIM ऐप को बनाया जाएगा मजबूत विकल्प

फिलहाल UPI बाजार के करीब 80 प्रतिशत हिस्से पर PhonePe और Google Pay का कब्जा है। इसे देखते हुए NPCI बाजार में स्वस्थ प्रतिस्पर्धा बढ़ाने की दिशा में काम कर रहा है। इसके तहत 31 दिसंबर 2026 से किसी भी UPI ऐप की बाजार हिस्सेदारी 30 प्रतिशत तक सीमित करने की योजना है। इसी रणनीति के तहत NPCI अपने BHIM ऐप को सुरक्षित और भरोसेमंद विकल्प के रूप में विकसित कर रहा है। माना जा रहा है कि आने वाले समय में BHIM ऐप PhonePe और Google Pay को कड़ी चुनौती दे सकता है।

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