नई दिल्ली: आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और रोबोटिक्स इंजीनियरिंग आज के समय में छात्रों के लिए सबसे तेजी से उभरते हुए करियर विकल्प बनकर सामने आए हैं। तकनीक के बढ़ते विस्तार के साथ इन क्षेत्रों में नौकरियों की मांग और वेतन दोनों तेजी से बढ़ रहे हैं।

विशेषज्ञों के अनुसार, जो छात्र भविष्य में उद्यमी बनना चाहते हैं, उनके लिए AI और रोबोटिक्स का ज्ञान बेहद महत्वपूर्ण साबित हो सकता है। वर्तमान में अधिकांश डीप-टेक स्टार्टअप्स एआई आधारित समाधानों पर काम कर रहे हैं, ऐसे में इन क्षेत्रों की पढ़ाई छात्रों को नई संभावनाओं के लिए तैयार करती है।

AI इंजीनियरिंग में शानदार सैलरी

विशेषज्ञों का कहना है कि शुरुआती स्तर पर AI इंजीनियरों को सालाना 6 से 12 लाख रुपये तक का पैकेज मिल सकता है। वहीं, अनुभवी AI आर्किटेक्ट और जनरेटिव AI प्रोफेशनल्स की कमाई 40 से 80 लाख रुपये सालाना या उससे भी अधिक हो सकती है। रिपोर्ट्स के अनुसार, वैश्विक AI बाजार 2030 तक 36.6 प्रतिशत की वार्षिक वृद्धि दर (CAGR) के साथ लगभग 1,811 बिलियन डॉलर तक पहुंच सकता है, जिससे इस क्षेत्र में रोजगार के अवसर लगातार बढ़ेंगे।

रोबोटिक्स इंजीनियरिंग में भी बढ़ रही मांग

रोबोटिक्स इंजीनियरिंग में शुरुआती स्तर पर नए ग्रेजुएट्स को 4.5 से 7 लाख रुपये सालाना वेतन मिल सकता है। वहीं, ISRO और DRDO जैसे प्रतिष्ठित सरकारी संस्थानों में 6 से 8 लाख रुपये तक के पैकेज वाली नौकरियां उपलब्ध हैं। विशेषज्ञों के मुताबिक, रोबोटिक्स बाजार भी तेजी से विस्तार कर रहा है और आने वाले वर्षों में इसकी वैश्विक वृद्धि दर 38.5 प्रतिशत तक पहुंच सकती है। ऑटोनॉमस वाहन, सर्जिकल रोबोटिक्स, स्मार्ट फैक्ट्री और प्रिसिजन एग्रीकल्चर जैसे क्षेत्रों में लगातार भर्ती हो रही है।

भारत में बढ़ेंगे रोजगार के अवसर

अनुमान है कि भारत का AI उद्योग 2027 तक करीब 23 लाख नई नौकरियां पैदा करेगा। विशेषज्ञों का मानना है कि इस क्षेत्र में उपलब्ध नौकरियों की संख्या योग्य प्रतिभाओं से 1.5 से 2 गुना अधिक हो सकती है।

कौन सा कोर्स चुनें?

विशेषज्ञों का कहना है कि AI इंजीनियरिंग और रोबोटिक्स इंजीनियरिंग में से किसी एक का चयन करते समय छात्रों को अपनी रुचि और क्षमता को प्राथमिकता देनी चाहिए। IIT, NIT या अन्य प्रतिष्ठित संस्थानों में पढ़ने वाले छात्रों के लिए सही ब्रांच का चयन बेहद महत्वपूर्ण है। साथ ही AI/ML में माइनर डिग्री, सर्टिफिकेट प्रोग्राम और ऑनलाइन कोर्स भी करियर को नई दिशा दे सकते हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, केवल डिग्री ही नहीं बल्कि व्यावहारिक कौशल और नई तकनीकों पर पकड़ भी सफलता की कुंजी है।

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