बरेली। फरीदपुर के बाईपास रोड स्थित मर्सी अस्पताल में नवजात की मौत के मामले ने तूल पकड़ लिया है। स्वास्थ्य विभाग की जांच में अस्पताल की व्यवस्थाओं में कई खामियां सामने आने के बाद पुलिस ने अस्पताल संचालक के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
नगर के मोहल्ला फर्रखपुर निवासी सचिन गुप्ता ने अपनी गर्भवती पत्नी मुस्कान गुप्ता को 13 सितंबर को अजहरी बरातघर के पास स्थित मर्सी अस्पताल में भर्ती कराया था। सचिन के मुताबिक, अस्पताल संचालक राशिद अली उर्फ अली जाफरी ने मुस्कान की हालत गंभीर बताते हुए ऑपरेशन कराने की बात कही। इसके बाद सिजेरियन ऑपरेशन से मुस्कान ने बेटे को जन्म दिया।
15 सितंबर को बिगड़ी नवजात की हालत
परिजनों का आरोप है कि 15 सितंबर की सुबह नवजात की तबीयत अचानक बिगड़ गई। आरोप है कि समय पर उचित उपचार नहीं मिला और चिकित्सकीय लापरवाही के कारण बच्चे की मौत हो गई। घटना के बाद परिजनों ने अस्पताल में हंगामा किया और पुलिस को तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की। समाधान दिवस में भी अधिकारियों से शिकायत की गई। इसके बाद कमिश्नर को प्रार्थना पत्र देकर मामले में कार्रवाई की गुहार लगाई गई।
स्वास्थ्य विभाग की जांच में मिलीं खामियां
मामले की शिकायत के बाद सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. अनुराग गौतम के निर्देश पर स्वास्थ्य विभाग की टीम ने अस्पताल की जांच की। जांच में विशेषज्ञ चिकित्सकीय सेवाओं, नवजात की देखभाल के लिए प्रशिक्षित स्टाफ, ऑक्सीजन व्यवस्था, जरूरी दवाओं और अभिलेखों समेत कई व्यवस्थाओं में कमियां मिलने की बात सामने आई। टीम ने अपनी रिपोर्ट मुख्य चिकित्सा अधिकारी को भेज दी।
संचालक के खिलाफ मुकदमा, पुलिस ने शुरू की जांच
स्वास्थ्य विभाग की रिपोर्ट और शिकायत के आधार पर पुलिस ने अस्पताल संचालक के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है। पुलिस का कहना है कि प्रकरण से जुड़े दस्तावेजों और अन्य तथ्यों की जांच की जा रही है। जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।