बरेली। एलन क्लब सब्जी मंडी में मंगलवार सुबह ठेकेदार ने मंडी में ताला डाल दिया। इससे नाराज फड़ और सब्जी विक्रेता नगर निगम पहुंच गए और ठेका निरस्त करने की मांग को लेकर विरोध जताया। दुकानदारों का आरोप है कि अभी तक वे 160 रुपये प्रतिदिन देते थे, लेकिन ठेकेदार अब 200 से 250 रुपये तक की मांग कर रहा है।
ठेकेदार पर लगाया मनमानी वसूली का आरोप
नगर निगम पहुंचे दुकानदारों ने आरोप लगाया कि एलन क्लब सब्जी मंडी का ठेकेदार अब्दुल मुस्तफा मंगलवार सुबह अपने साथ कुछ लोगों को लेकर पहुंचा और मंडी में ताला डाल दिया। दुकानदारों का कहना है कि इससे उन्हें सब्जी बेचने में परेशानी हो रही है। उनका आरोप है कि निर्धारित शुल्क से अधिक रकम मांगी जा रही है।
160 रुपये देते हैं, अब 200-250 की मांग
फड़ दुकानदारों ने बताया कि मौजूदा समय में नगर निगम की ओर से तहबाजारी यानी उपयोग शुल्क की वसूली की जा रही है। उनका कहना है कि इस व्यवस्था से दुकानदारों को राहत मिल रही है। आरोप है कि ठेका होने के बाद उनसे प्रतिदिन करीब 200 रुपये या उससे अधिक की वसूली हो सकती है।
ठेका करोड़ से ऊपर पहुंचने का दावा
ठेला-फड़-खोखा परिषद की ओर से नगर निगम को दिए गए मांग पत्र में कहा गया है कि एलन क्लब सब्जी मंडी का ठेका पिछले वर्षों में लगातार बढ़ता गया। परिषद के मुताबिक 2019-20 में ठेका करीब 18 लाख रुपये से शुरू हुआ था, जो बाद के वर्षों में बढ़कर करीब 80 लाख रुपये तक पहुंच गया। इस बार 88 लाख 50 हजार रुपये की बोली होने और जीएसटी व स्टांप शुल्क जोड़ने पर रकम एक करोड़ रुपये से अधिक पहुंचने का दावा किया गया है।
निगम से ही शुल्क वसूलने की मांग
दुकानदारों ने नगर निगम से मांग की है कि मंडी में ठेकेदार के बजाय निगम कर्मचारी निर्धारित शुल्क की वसूली करें। उनका कहना है कि इससे दुकानदारों से मनमानी रकम वसूलने की शिकायतों पर रोक लगेगी। परिषद ने 18 अगस्त को हुई सब्जी मंडियों की नीलामी निरस्त करने की भी मांग की है।
चोरी और अवैध वसूली का भी आरोप
मांग पत्र में दुकानदारों ने दावा किया कि पहले रात सात बजे के बाद मंडी में असामाजिक तत्वों का जमावड़ा रहता था। दुकानदारों की सब्जी चोरी होने और अवैध वसूली किए जाने की शिकायतें भी थीं। उनका कहना है कि वर्तमान में निगम की ओर से वसूली होने के बाद उन्हें इन समस्याओं से राहत मिली है। दुकानदारों ने नगर निगम प्रशासन से पूरे मामले में हस्तक्षेप कर मंडी में ताला खुलवाने और शुल्क वसूली की व्यवस्था स्पष्ट करने की मांग की है।