बरेली। विधानसभा चुनाव से पहले बरेली के भोजीपुरा में भाजपा के अंदर सुलग रही नाराजगी खुलकर बाहर आ गई। धौराटांडा में पार्टी के बूथ अध्यक्ष, मंडल उपाध्यक्ष, सेक्टर संयोजक, नामित सभासद और पुराने कार्यकर्ताओं समेत 30 लोगों ने एक साथ इस्तीफा देकर संगठन में हलचल मचा दी। इनमें कई ऐसे चेहरे हैं, जो 20-25 साल से भाजपा का झंडा उठाते आ रहे थे। कार्यकर्ताओं का आरोप है कि मंडल के एक पदाधिकारी को लेकर लगातार शिकायतें की गईं, मगर सुनवाई नहीं हुई। आखिरकार नाराजगी का गुबार सामूहिक इस्तीफे के रूप में फूट पड़ा।
जिलाध्यक्ष सोमपाल शर्मा को दिए सामूहिक इस्तीफे में कार्यकर्ताओं ने कहा है कि वे पिछले 20 से 25 वर्षों से भाजपा के साथ जुड़े हैं और तन, मन व धन से संगठन के लिए काम करते रहे हैं। आरोप है कि मंडल के एक पदाधिकारी के निजी स्वार्थ के कारण पार्टी की छवि धूमिल हो रही है। इसकी शिकायत मंडल से लेकर जिला स्तर तक की गई, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसी नाराजगी के बाद कार्यकर्ताओं ने सामूहिक रूप से पार्टी छोड़ने का फैसला लिया।
ये हैं इस्तीफा देने वाले 30 भाजपा कार्यकर्ता और पदाधिकारी
इस्तीफा देने वालों में बाबूराम गंगवार बूथ अध्यक्ष, हिमांशु रस्तोगी बूथ अध्यक्ष, रोहित गुप्ता बूथ अध्यक्ष, संतोष बाल्मीकि बूथ अध्यक्ष, अरविंद गुप्ता बूथ अध्यक्ष, विनोद राठौर बूथ अध्यक्ष, रामराज वाल्मीकि मंडल उपाध्यक्ष और अंकुर गुप्ता सेक्टर संयोजक शामिल हैं। इनके अलावा पंकज उर्फ शरद गुप्ता नामित सभासद, रूप बसंत कश्यप नामित सभासद, धनपत लाल रस्तोगी पूर्व मंडल अध्यक्ष, वेद प्रकाश शर्मा पूर्व बूथ अध्यक्ष, अनिल बाल्मीकि पूर्व बूथ अध्यक्ष, विक्की वाल्मीकि पूर्व अध्यक्ष, अरविंद गंगवार पूर्व बूथ अध्यक्ष, रवि पाठक बूथ समिति सदस्य और तेजपाल पूर्व सभासद ने भी इस्तीफा दिया है। भाजपा कार्यकर्ताओं में चिरंजीव राठौर, राजू कश्यप, नरपत सिंह, रोहतास मौर्य, नानक चंद्र मौर्य, रवि कश्यप, वेद प्रकाश कश्यप, हेमंत गंगवार, दीनानाथ कश्यप, पप्पू मौर्य, आदेश सागर, अजय गुप्ता और सुनील राठौड़ के नाम शामिल हैं।
इस्तीफों के पीछे मृत्यु प्रमाणपत्र का विवाद भी गरमाया
कार्यकर्ताओं की नाराजगी के बीच धौराटांडा नगर पंचायत के वार्ड नंबर-2 से जुड़ा एक कथित मृत्यु प्रमाणपत्र प्रकरण भी सामने आया है। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि पहले से गुमशुदा अशोक कुमार का मृत्यु प्रमाणपत्र बनवाने के लिए कथित तौर पर फर्जी हस्ताक्षर, मुहर और शपथपत्रों का इस्तेमाल करने की कोशिश की गई। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि नगर पंचायत के वर्तमान सभासद राकेश कुमार और उनके कुछ साथियों ने अशोक कुमार का मृत्यु प्रमाणपत्र बनवाने की कोशिश की। आरोप है कि इसके लिए जन्म-मृत्यु जांच से जुड़े कर्मचारी और नगर पंचायत अधिकारी के कथित फर्जी हस्ताक्षर व मुहर वाले दस्तावेज तैयार किए गए। इन आरोपों की स्वतंत्र या अंतिम प्रशासनिक पुष्टि अभी सामने नहीं आई है।
दोबारा फाइल पहुंचने पर मचा बवाल
शिकायत के मुताबिक अशोक कुमार का मृत्यु प्रमाणपत्र करीब एक साल पहले भी बनवाने का प्रयास किया गया था। तब मामला आगे नहीं बढ़ सका। बाद में दोबारा आवेदन किए जाने की जानकारी नगर पंचायत तक पहुंची तो जन्म-मृत्यु जांच से जुड़े कर्मचारी शाने हैदर से जवाब मांगा गया। आरोप है कि इसके बावजूद कथित रूप से दस्तावेज तैयार कर मामला एसडीएम कार्यालय तक पहुंचाया गया। इसी प्रकरण को लेकर कार्रवाई की मांग उठी और संगठन के भीतर भी नाराजगी बढ़ती चली गई।
शिकायतों पर कार्रवाई नहीं हुई तो फूट पड़ा गुस्सा
सामूहिक इस्तीफा देने वाले कार्यकर्ताओं का कहना है कि मामला केवल एक व्यक्ति से नाराजगी का नहीं है। उनका दावा है कि शिकायत मंडल से लेकर जिले तक पहुंचाई गई, लेकिन उनकी बात नहीं सुनी गई। आखिरकार लंबे समय से अंदर ही अंदर सुलग रही नाराजगी सामूहिक इस्तीफे के रूप में बाहर आ गई। एक साथ बूथ अध्यक्षों, मंडल पदाधिकारी, सेक्टर संयोजक, नामित सभासद और पुराने कार्यकर्ताओं के पार्टी छोड़ने के फैसले ने भोजीपुरा भाजपा के भीतर चल रही खींचतान को सार्वजनिक कर दिया है। अब संगठन इस नाराजगी को किस तरह संभालता है, इस पर स्थानीय राजनीतिक हलकों की नजर है।
त्यागपत्र देखा नहीं, इसलिए जानकारी नहीं
मामले में भाजपा जिलाध्यक्ष सोमपाल शर्मा का पक्ष भी सामने आया है। उन्होंने कहा कि उन्होंने त्यागपत्र नहीं देखा है, इसलिए उन्हें इसकी जानकारी नहीं है। ऐसे में अब निगाह इस बात पर है कि पार्टी संगठन सामूहिक इस्तीफों और कार्यकर्ताओं की शिकायतों पर आगे क्या कदम उठाता है।