बरेली। किसानों और जवानों से जुड़े मुद्दों को लेकर भारतीय किसान यूनियन महाशक्ति ने आवाज बुलंद की है। संगठन ने सदर तहसील में उप जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपकर किसानों की फसलों, कृषि लागत और आवारा पशुओं की समस्या समेत छह प्रमुख मांगों को शासन स्तर तक पहुंचाने की मांग की। संगठन ने कहा कि किसानों और जवानों से जुड़े इन मुद्दों पर सरकार को गंभीरता से विचार करते हुए आवश्यक कार्रवाई करनी चाहिए।
खेतों में घूम रहे आवारा पशु, तत्काल पकड़ने की मांग
किसानों ने क्षेत्र में घूम रहे आवारा पशुओं को बड़ी समस्या बताते हुए उन्हें तत्काल पकड़ने और उनके लिए उचित व्यवस्था कराने की मांग की। संगठन का कहना है कि आवारा पशुओं के कारण किसानों की फसलों को नुकसान पहुंचता है और उनकी मेहनत प्रभावित होती है। इसके लिए प्रभावी व्यवस्था किए जाने की मांग ज्ञापन में प्रमुखता से उठाई गई।
गन्ने का भाव ₹600 प्रति क्विंटल करने की मांग
भाकियू महाशक्ति ने किसानों की लागत और मेहनत को आधार बनाते हुए गन्ने का मूल्य 600 रुपये प्रति क्विंटल किए जाने की मांग रखी। संगठन ने कहा कि कृषि लागत बढ़ने के बीच किसानों को उनकी उपज का बेहतर मूल्य मिलना जरूरी है।
एमएसपी की कानूनी गारंटी की उठी आवाज
किसानों को उनकी फसलों का उचित मूल्य दिलाने के लिए संगठन ने एमएसपी गारंटी कानून लागू करने की मांग की। ज्ञापन में कहा गया कि फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य को कानूनी सुरक्षा मिलने से किसानों को उनकी उपज का निर्धारित मूल्य सुनिश्चित करने की दिशा में व्यवस्था मजबूत हो सकती है।
कृषि कर्ज पूरी तरह माफ करने की मांग
आर्थिक संकट का सामना कर रहे किसानों के कृषि ऋण को लेकर भी संगठन ने बड़ी मांग रखी। भाकियू महाशक्ति ने किसानों का सम्पूर्ण कृषि कर्ज माफ किए जाने की मांग करते हुए इसे किसान हित से जुड़ा प्रमुख मुद्दा बताया।
जवानों की पेंशन और जनप्रतिनिधियों की पेंशन पर भी सवाल
ज्ञापन में देश की रक्षा करने वाले जवानों के हित में पेंशन व्यवस्था शुरू किए जाने की मांग भी की गई। इसके साथ ही संगठन ने विधायक और सांसदों की पेंशन बंद कर उस धन का उपयोग किसानों, जवानों और जनता से जुड़े कार्यों में किए जाने की मांग रखी।
छह मांगों पर कार्रवाई की मांग, शासन तक पहुंचाने का आग्रह
भारतीय किसान यूनियन महाशक्ति ने उप जिलाधिकारी से सभी मांगों पर गंभीरता से विचार करते हुए आवश्यक कार्रवाई कराने का आग्रह किया। संगठन ने ज्ञापन के माध्यम से मांगों को शासन स्तर तक पहुंचाने की भी अपील की, ताकि किसानों, जवानों और आम जनता से जुड़े मुद्दों पर आगे निर्णय लिया जा सके।