बरेली। दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रस्तावित प्रदर्शन में शामिल होने के लिए रवाना होने से पहले बरेली में सपा कांग्रेस और सामाजिक संगठनों से जुड़े कई नेताओं को पुलिस ने उनके घरों पर ही हाउस अरेस्ट कर दिया। नेताओं का आरोप है कि उन्हें सोनम वांगचुक के समर्थन में आयोजित धरने में शामिल होने से रोकने के लिए रविवार शाम से ही उनके आवासों पर पुलिस तैनात कर दी गई। सभी ने इसे लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन बताते हुए सरकार पर विरोध की आवाज दबाने का आरोप लगाया।
रविवार शाम से घरों पर पहुंची पुलिस, दिल्ली नहीं जाने दिया
सपा के वरिष्ठ नेता प्रमोद यादव ने बताया कि रविवार शाम करीब 5:15 बजे पुलिस सुभाषनगर थाना क्षेत्र के बदायूं रोड स्थित उनके आवास पर पहुंच गई। उनके अनुसार, भारी पुलिस बल तैनात कर उन्हें घर से बाहर निकलने की अनुमति नहीं दी गई। प्रमोद यादव का कहना है कि वह सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के आह्वान पर सोनम वांगचुक के समर्थन में जंतर-मंतर पर प्रस्तावित प्रदर्शन में शामिल होने के लिए दिल्ली रवाना होने वाले थे, लेकिन पुलिस ने उन्हें रोक दिया।
कांग्रेस और सामाजिक कार्यकर्ताओं को भी किया गया नजरबंद
रविवार देर रात महानगर कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष दिनेश दद्दा एडवोकेट के नेतृत्व में दिल्ली जाने की तैयारी कर रहे कांग्रेस नेताओं और सामाजिक कार्यकर्ताओं को भी पुलिस ने उनके घरों पर ही नजरबंद कर दिया। कांग्रेस की ओर से जारी जानकारी के अनुसार प्रतिनिधिमंडल में डॉ. हरीश गंगवार, उल्फत सिंह कठेरिया, सुरेश दिवाकर, तीरथ मधुकर, जगदीश शरण, रामरतन गंगवार और अरविंद पटेल समेत कई लोग शामिल थे। सभी सोनम वांगचुक के समर्थन में जंतर-मंतर पहुंचने वाले थे।
‘घर की तलाशी ली, परिवार रातभर परेशान रहा’
प्रमोद यादव ने आरोप लगाया कि पुलिस ने उनके घर की गहन तलाशी भी ली। उनका कहना है कि कमरों से लेकर पूरे परिसर तक तलाशी अभियान चलाया गया, जिससे परिवार रातभर परेशान रहा और किसी को सोने तक का मौका नहीं मिला। उन्होंने कहा कि उनके साथ ऐसा व्यवहार किया गया, जैसे वह कोई बड़ा अपराधी हों।
लोकतांत्रिक अधिकारों के हनन का लगाया आरोप
प्रमोद यादव ने कहा कि वह शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन कर अपनी बात सरकार तक पहुंचाना चाहते थे, लेकिन उन्हें इसकी भी अनुमति नहीं दी गई। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार विरोध की हर आवाज को दबाने का काम कर रही है। वहीं महानगर कांग्रेस अध्यक्ष दिनेश दद्दा एडवोकेट ने कहा कि सोनम वांगचुक शिक्षा व्यवस्था में कथित भ्रष्टाचार, पेपर लीक और छात्रों की समस्याओं को लेकर आवाज उठा रहे हैं। उन्हें जबरन अस्पताल में भर्ती करना लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है। डॉ. हरीश गंगवार ने भी पुलिस की कार्रवाई को लोकतंत्र विरोधी बताया।
NEET, पेपर लीक और शिक्षा सुधार का भी उठाया मुद्दा
प्रमोद यादव ने कहा कि देश के लाखों युवाओं का भविष्य दांव पर लगा है और NEET समेत विभिन्न परीक्षाओं में पेपर लीक तथा अनियमितताओं के मामले सामने आए हैं। कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल ने भी शिक्षा सुधार, NEET पेपर लीक, छात्र आत्महत्याओं जैसे मुद्दों पर केंद्र सरकार से तत्काल प्रभावी कदम उठाने की मांग की। साथ ही सोनम वांगचुक को तत्काल रिहा करने और हाउस अरेस्ट समाप्त कर दिल्ली जाने की अनुमति देने की मांग भी उठाई।