शाहजहांपुर। राजकीय मेडिकल कॉलेज की डायलिसिस यूनिट में शुक्रवार को बेड को लेकर शुरू हुआ विवाद हिंसक झड़प में बदल गया। आरोप है कि मरीज के परिजनों ने अपने साथियों को बुलाकर यूनिट में तोड़फोड़ की, महिला कर्मचारी समेत स्टाफ के साथ मारपीट की और अस्पताल में दहशत फैला दी। घटना के विरोध में कर्मचारियों ने ओपीडी का काम बंद कर प्रदर्शन शुरू कर दिया। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंच गई।
मदनापुर कस्बा निवासी लता नाम की महिला की डायलिसिस चल रही थी। इसी दौरान बेड को लेकर मरीज के परिजनों और डायलिसिस यूनिट के कर्मचारियों के बीच कहासुनी हो गई। देखते ही देखते विवाद बढ़ गया और माहौल तनावपूर्ण हो गया। आरोप है कि कहासुनी के बाद मरीज के परिजनों ने फोन कर अपने अन्य साथियों को बुला लिया। कुछ ही देर में तीन गाड़ियों से कई लोग मेडिकल कॉलेज पहुंच गए और सीधे डायलिसिस यूनिट में घुस गए।
महिला कर्मचारी समेत स्टाफ से मारपीट, शीशे तोड़े
स्थानीय लोगों के अनुसार, आरोपियों ने यूनिट के भीतर महिला कर्मचारी सहित अन्य कर्मचारियों के साथ मारपीट की। इतना ही नहीं, डायलिसिस यूनिट के शीशे भी तोड़ दिए गए। अचानक हुई इस घटना से अस्पताल परिसर में अफरा-तफरी मच गई और मरीजों व तीमारदारों में दहशत फैल गई। मारपीट और तोड़फोड़ से नाराज कर्मचारियों ने विरोध स्वरूप ओपीडी में पर्चे बनाना बंद कर दिया। इससे इलाज कराने पहुंचे मरीजों और उनके परिजनों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। कर्मचारियों ने अस्पताल में सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल उठाए।
विधायक के करीबी होने की चर्चा
घटना के बाद अस्पताल परिसर में यह चर्चा भी रही कि मारपीट करने वाले कुछ लोग एक विधायक के करीबी बताए जा रहे हैं। हालांकि, इस दावे की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है और पुलिस भी इस पहलू की जांच कर रही है। सूचना मिलते ही चौक कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित किया। सीओ सिटी देवव्रत वाजपेई ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है। अभी तक किसी पक्ष की ओर से तहरीर नहीं मिली है। तहरीर मिलने और जांच पूरी होने के बाद नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।