वाराणसी। उत्तर प्रदेश के वाराणसी में भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए विजिलेंस टीम ने राज्य जीएसटी विभाग की डिप्टी कमिश्नर अंबिका सिंह को 50 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। आरोप है कि गिरफ्तारी के दौरान उन्होंने मौके से भागने का प्रयास किया और महिला पुलिसकर्मियों के साथ धक्का-मुक्की भी की। कार्रवाई के बाद जीएसटी विभाग में हड़कंप मच गया।
व्यापारी की शिकायत पर बिछाया गया ट्रैप
जानकारी के अनुसार, बजरडीहा निवासी अजय कुमार मौर्य, जो ब्लैक स्मिथ इंडस्ट्रीज प्राइवेट लिमिटेड के निदेशक हैं, ने फरवरी 2023 का जीएसटी रिटर्न समय पर दाखिल किया था। बाद में कुछ आपत्तियों के चलते उनकी फाइल दोबारा जांच के लिए जीएसटी कार्यालय पहुंची। आरोप है कि फाइल के निस्तारण और कर संबंधी प्रक्रिया पूरी करने के एवज में डिप्टी कमिश्नर अंबिका सिंह ने 50 हजार रुपये की रिश्वत की मांग की। व्यापारी ने पहले रकम देने से इनकार किया, लेकिन लगातार दबाव बनाए जाने पर उन्होंने विजिलेंस विभाग से शिकायत कर दी।
जांच के बाद तैयार किया गया ट्रैप
शिकायत मिलने के बाद विजिलेंस टीम ने प्रारंभिक जांच की। आरोपों की पुष्टि होने पर ट्रैप की योजना बनाई गई। तय योजना के तहत बुधवार शाम शिकायतकर्ता ने अंबिका सिंह को भेलूपुर स्थित दादा रेस्टोरेंट में रुपये लेने के लिए बुलाया। विजिलेंस अधिकारियों के अनुसार, जैसे ही अंबिका सिंह ने 50 हजार रुपये से भरा लिफाफा अपने कब्जे में लिया, पहले से मौके पर मौजूद टीम ने उन्हें रंगे हाथ पकड़ लिया।
भागने की कोशिश, महिला पुलिसकर्मियों से हाथापाई
गिरफ्तारी के दौरान अंबिका सिंह ने मौके से निकलने का प्रयास किया। विजिलेंस का दावा है कि इस दौरान उन्होंने उन्हें रोकने पहुंचीं महिला पुलिसकर्मियों के साथ धक्का-मुक्की और हाथापाई भी की। कुछ देर तक मौके पर अफरा-तफरी का माहौल रहा और लोगों की भीड़ जुट गई। बाद में विजिलेंस टीम उन्हें हिरासत में लेकर थाने पहुंची।
भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज
विजिलेंस थाना में डिप्टी कमिश्नर के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। अधिकारियों ने बताया कि अब अंबिका सिंह द्वारा पूर्व में निस्तारित फाइलों की भी जांच की जाएगी, ताकि यह पता लगाया जा सके कि अन्य मामलों में भी किसी प्रकार की अनियमितता या रिश्वतखोरी हुई है या नहीं।
विजिलेंस ने जारी की हेल्पलाइन
विजिलेंस विभाग ने नागरिकों से अपील की है कि यदि कोई सरकारी कर्मचारी किसी सरकारी कार्य के बदले रिश्वत की मांग करता है तो इसकी सूचना विभाग के हेल्पलाइन नंबर 9454401866 और 9454401222 पर दी जा सकती है। शिकायतकर्ता की पहचान गोपनीय रखी जाएगी और आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।