बरेली। न्यायालय परिसर में कथित तौर पर पत्नी को तीन तलाक देने और समान नागरिक संहिता (यूसीसी) को न मानने की बात कहने वाले उत्तराखंड के एक डॉक्टर के खिलाफ कैंट थाने में दहेज उत्पीड़न, धमकी और अन्य आरोपों में रिपोर्ट दर्ज की गई है। महिला ने आरोप लगाया है कि पति और उसके परिजन एक करोड़ रुपये दहेज की मांग कर रहे थे। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।

कैंट क्षेत्र निवासी महिला ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि उसका निकाह हरिद्वार जिले के सुल्तानपुर आदमपुर निवासी मुस्तकीम से हुआ था। शादी के बाद ससुराल पक्ष ने कहा कि मुस्तकीम एमबीबीएस डॉक्टर है और उसे एमडी की पढ़ाई के बाद अस्पताल खोलना है, जिसके लिए एक करोड़ रुपये की आवश्यकता है। आरोप है कि इसी रकम की मांग को लेकर उस पर लगातार दबाव बनाया जाता रहा।

70 बीघा को बना दिया 600 बीघा

महिला का यह भी आरोप है कि ससुराल पक्ष ने 70 बीघा जमीन को फर्जी तरीके से 600 बीघा दिखाकर गन्ने की पर्चियां लेने की बात कही और उसके नाम पर भी ऐसा करने का दबाव बनाया। जब उसने कथित फर्जीवाड़े से इनकार कर दिया तो परिवार के लोग उससे नाराज हो गए। आरोप है कि जेठ ने आपत्तिजनक टिप्पणी करते हुए दहेज में एक करोड़ रुपये लाने की मांग की और मानसिक प्रताड़ना शुरू कर दी।

हरिद्वार में भी तीन तलाक देने का आरोप

महिला ने बताया कि सहायक अध्यापक भर्ती के साक्षात्कार के लिए हरिद्वार जाने के दौरान भी पति ने एक करोड़ रुपये की मांग की। विरोध करने पर कथित तौर पर उसे तीन तलाक दे दिया। इसकी शिकायत तीन जनवरी 2025 को कनखल थाने में की गई थी, लेकिन कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई।

कोर्ट परिसर में फिर दोहराई बात

पीड़िता का आरोप है कि तीन जुलाई 2026 को वह एक मामले में बरेली न्यायालय पहुंची थी। वहां मुस्तकीम ने कहा कि वह पहले भी उसे तीन तलाक दे चुका है और जल्द दूसरा निकाह करेगा। इसके बाद उसने कथित तौर पर दोबारा तीन तलाक कहा और यह भी कहा कि वह यूसीसी कानून नहीं बल्कि इस्लामिक शरीयत को मानता है।

महिला ने बताया कि विवाह के बाद वह मायके आ गई थी, जहां उसने बेटे को जन्म दिया। बाद में पति उसे विदा कराकर अपने साथ ले गया, लेकिन दहेज की मांग को लेकर प्रताड़ना जारी रही। आरोप है कि वर्ष 2023 में पति और उसके परिजन बरेली आए और जान से मारने की धमकी देकर लौट गए।

सीओ प्रथम आशुतोष शिवम ने बताया कि महिला की तहरीर पर पति और अन्य ससुराल पक्ष के लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। मामले की जांच की जा रही है और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।

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