बरेली। शहर की नकटिया नदी को कचरे और गंदगी से बाहर निकालकर फिर से साफ-सुथरा बनाने की मुहिम अब तेज होने जा रही है। रविवार को नकटिया नदी के पुनर्जीवन अभियान की शुरुआत होगी। इससे पहले शनिवार रात छावनी परिषद की सीईओ डॉ. तनु जैन खुद नदी के किनारे पहुंचीं और देर रात तक अलग-अलग हिस्सों का जायजा लिया।
नदी के निरीक्षण से पहले डॉ. तनु जैन ने धोपेश्वर नाथ मंदिर में दर्शन किए। इसके बाद नदी के उन हिस्सों को देखा गया, जहां सफाई और कचरा हटाने का काम चल रहा है। नदी किनारे फैले प्लास्टिक और दूसरे कचरे को हटाने के साथ किनारों की सफाई का काम भी देखा गया। निरीक्षण के दौरान सीईओ ने सफाई टीमों को साफ निर्देश दिए कि जिन हिस्सों की सफाई हो चुकी है, वहां दोबारा कचरा न जमा होने दिया जाए। इसके लिए लगातार निगरानी रखने और नियमित सफाई कराने पर जोर दिया गया। नदी के पानी के बहाव को बेहतर करने के लिए किए जा रहे काम की भी समीक्षा हुई।
धोपेश्वरनाथ मंदिर के पीछे से होगा शुभारंभ
रविवार सुबह 8:30 बजे नकटिया नदी के लिए बड़ा दिन होगा। पर्यावरण, वन, जंतु उद्यान एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार डॉ. अरुण कुमार सक्सेना अभियान की शुरुआत करेंगे। श्री धोपेश्वर नाथ मंदिर के पीछे नकटिया नदी के पुनर्जीवन कार्य का शुभारंभ किया जाएगा। इसी कार्यक्रम में ट्रेंचिंग ग्राउंड में वर्मी कंपोस्टिंग यूनिट का उद्घाटन भी होगा। यानी नदी की सफाई के साथ कचरे के बेहतर इस्तेमाल की दिशा में भी कदम बढ़ाया जाएगा।
जनता जुड़ी तो बदलेगी नकटिया की तस्वीर
छावनी परिषद ने नकटिया नदी की सफाई को सिर्फ सरकारी अभियान तक सीमित रखने के बजाय लोगों को इससे जोड़ने की अपील की है। एनजीओ, सामाजिक संस्थाओं, स्वयं सहायता समूहों, विद्यार्थियों और युवाओं के साथ आम लोगों से भी श्रमदान, पौधारोपण और प्लास्टिक के इस्तेमाल से बचने की अपील की गई है। डॉ. तनु जैन ने कहा कि नकटिया नदी महज पानी की धारा नहीं, बल्कि बरेली की प्राकृतिक विरासत का हिस्सा है। इसे बचाने के लिए सिर्फ एक-दो दिन की सफाई काफी नहीं होगी, बल्कि लगातार सफाई, जल संरक्षण, पौधारोपण और लोगों की भागीदारी जरूरी होगी।