सहारनपुर। स्वतंत्रता दिवस के मौके पर कांग्रेस मुख्यालय में वंदे मातरम को लेकर शुरू हुआ सियासी विवाद अब और तेज हो गया है। भाजपा की ओर से कांग्रेस नेताओं पर वंदे मातरम के अपमान का आरोप लगाए जाने के बीच सहारनपुर से कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने दो टूक कहा है कि वह वंदे मातरम नहीं गाएंगे। मसूद ने इसे अपना संवैधानिक अधिकार बताते हुए कहा कि किसी को इसके लिए मजबूर नहीं किया जा सकता।
‘तुम्हें वंदे मातरम से प्रेम है तो करो, हमें क्या फर्क पड़ता है’
एक न्यूज एजेंसी से बातचीत में भाजपा के आरोपों पर पलटवार करते हुए इमरान मसूद ने कहा कि जिन्हें वंदे मातरम से प्रेम है, वे इसे गाएं। उन्होंने कहा, “हमें जितना गाना है, हम उतना ही गाएंगे। मैं पहले भी नहीं गाता था और आगे भी नहीं गाऊंगा।” उनके इस बयान के बाद पहले से जारी राजनीतिक विवाद और गरमा गया है। भाजपा इस मुद्दे को लेकर सोनिया गांधी, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे समेत पार्टी के अन्य नेताओं को घेर रही है। विभिन्न शहरों में भाजपा कार्यकर्ता विरोध-प्रदर्शन और मशाल यात्राएं भी निकाल रहे हैं।
‘मैं अपने धर्म का पालन करूंगा’
इमरान मसूद ने कहा कि वंदे मातरम नहीं गाना उनका संवैधानिक अधिकार है और वह अपने धर्म का पालन करेंगे। उन्होंने वंदे मातरम का इतिहास पढ़ने की बात कहते हुए दावा किया कि इसे लेकर लोगों के बीच गलत धारणा बनाई जा रही है। उनका कहना था कि किसी व्यक्ति को इसे गाने के लिए बाध्य नहीं किया जा सकता।
मौलाना साजिद रशीदी ने भी कांग्रेस पर उठाए सवाल
वंदे मातरम विवाद के बीच ऑल इंडिया इमाम एसोसिएशन के अध्यक्ष मौलाना साजिद रशीदी ने भी कांग्रेस के रुख पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने वोट बैंक को ध्यान में रखकर ऐसा किया। रशीदी ने कांग्रेस समेत राजनीतिक दलों पर मुस्लिम समुदाय को वोट बैंक की तरह इस्तेमाल करने का भी आरोप लगाया है। इमरान मसूद के ताजा बयान के बाद वंदे मातरम को लेकर चल रही राजनीतिक खींचतान और तेज होने के आसार हैं।