लखनऊ। उत्तर प्रदेश की जेलों में अब सुरक्षा के साथ बंदियों के सुधार पर भी जोर दिया जाएगा। उन्हें शिक्षा, कौशल विकास और रोजगार से जुड़ा प्रशिक्षण देकर समाज की मुख्यधारा में वापस लाने की कोशिश की जाएगी। स्वतंत्रता दिवस पर डीजी जेल पीसी मीना ने प्रदेश की जेलों को सुरक्षित, आधुनिक और सुधार केंद्रित बनाने पर जोर दिया।
कारागार मुख्यालय में स्वतंत्रता दिवस समारोह के दौरान डीजी जेल पीसी मीना ने कहा जेल का मतलब केवल सजा और पहरा नहीं होना चाहिए। बंदियों को शिक्षा, कौशल विकास, स्वास्थ्य सुविधाओं, खेल और रोजगारपरक प्रशिक्षण से जोड़ने पर जोर दिया जा रहा है। क्योंकि सजा पूरी करने के बाद बाहर आने वाला बंदी दोबारा अपराध के दलदल में न फंसे और जिम्मेदार नागरिक के रूप में नई जिंदगी शुरू कर सके।
सुरक्षा के साथ सुधार, अनुशासन के साथ मानवीयता
डीजी जेल पीसी मीना ने कहा कि कारागार विभाग की जिम्मेदारी सिर्फ जेलों की सुरक्षा और बंदियों की निगरानी तक सीमित नहीं है। सुरक्षा के साथ सुधार और अनुशासन के साथ मानवीयता भी उतनी ही जरूरी है। बंदियों के पुनर्वास को मजबूत कर जेलों को वास्तविक अर्थों में सुधार गृह बनाने की दिशा में काम किया जा रहा है। इससे पहले स्वतंत्रता दिवस पर कारागार प्रशासन एवं सुधार सेवाएं मुख्यालय में आयोजित समारोह में डीजी जेल पीसी मीना ने शहीद स्मारक पर पुष्पांजलि अर्पित कर अमर बलिदानियों को नमन किया। इसके बाद उन्होंने तिरंगा फहराया। गार्ड ने राष्ट्रीय ध्वज को सलामी दी और अधिकारियों-कर्मचारियों ने सामूहिक रूप से राष्ट्रगान किया। मुख्यालय पहुंचने पर वरिष्ठ अधिकारियों ने डीजी जेल का स्वागत किया।
बेहतरीन काम पर मिला हीरक, स्वर्ण और रजत सम्मान
समारोह में जेलों के भीतर बेहतर काम करने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों को भी सम्मानित किया गया। उत्कृष्ट एवं सराहनीय सेवाओं के लिए प्रशंसा चिन्ह-हीरक, स्वर्ण और रजत प्रदान किए गए। बंदियों के सुधार और पुनर्वास में उल्लेखनीय भूमिका निभाने वाली स्वयंसेवी संस्थाओं को भी प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। डीजी जेल ने अधिकारियों और कर्मचारियों से कहा कि बदलते दौर में जेलों को केवल मजबूत सुरक्षा घेरे तक सीमित नहीं रखा जा सकता। उन्हें सुरक्षित और आधुनिक बनाने के साथ संवेदनशील तथा सुधार केंद्रित व्यवस्था विकसित करनी होगी। उन्होंने कारागार कर्मियों के अनुशासन और समर्पण की सराहना करते हुए विकसित उत्तर प्रदेश और विकसित भारत के लक्ष्य में सक्रिय भागीदारी का आह्वान किया।