नई दिल्ली। नीट यूजी-2027 को कंप्यूटर आधारित परीक्षा (CBT) के रूप में कराने की तैयारी ने नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) के सामने बड़ी चुनौती खड़ी कर दी है। करीब 24 लाख विद्यार्थियों की परीक्षा कंप्यूटर पर कराने के लिए बड़े पैमाने पर कंप्यूटर, परीक्षा केंद्र और सुरक्षा संसाधनों की जरूरत होगी। इसी को देखते हुए एनटीए ने शिक्षा मंत्रालय और परीक्षा सुधार के लिए गठित नंदन नीलेकणि समिति के सामने पर्याप्त बजट और मजबूत परीक्षा ढांचा तैयार करने के लिए स्पष्ट नीति की जरूरत बताई है।
साल में एक करोड़ अभ्यर्थी, परीक्षा कराने के लिए करीब 100 दिन
एनटीए के सामने चुनौती केवल नीट यूजी की नहीं है। एजेंसी सालभर में विभिन्न प्रवेश और भर्ती परीक्षाएं आयोजित करती है, जिनमें करीब एक करोड़ अभ्यर्थी शामिल होते हैं। परीक्षाओं के आयोजन के लिए एजेंसी को साल में करीब 100 दिन मिलते हैं।जेईई मेन साल में दो बार आयोजित होता है। इसके अलावा सीयूईटी यूजी, सीयूईटी पीजी और यूजीसी नेट जैसी बड़ी परीक्षाएं भी कंप्यूटर आधारित होती हैं। इन परीक्षाओं को कई दिनों तक दो पालियों में आयोजित करना पड़ता है। इनमें करीब 47 से 49 लाख अभ्यर्थियों की भागीदारी रहती है। वहीं, नीट यूजी में अकेले करीब 24 लाख विद्यार्थी शामिल होते हैं।
किराये के परीक्षा केंद्रों पर निर्भरता घटाने की तैयारी
परीक्षाओं में गड़बड़ी और पेपर लीक जैसी घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए एनटीए किराये के परीक्षा केंद्रों पर निर्भरता कम करना चाहता है। एजेंसी अपने करीब 500 स्थायी परीक्षा केंद्र तैयार करने की योजना पर काम कर रही है। इससे हर परीक्षा के समय नए सिरे से पूरा सेटअप तैयार करने की समस्या भी कम हो सकेगी।प्रस्तावित केंद्रों पर 250 से 500 अभ्यर्थियों के बैठने की क्षमता रखने की योजना है। इसके लिए बड़ी संख्या में कंप्यूटर के साथ सीसीटीवी कैमरे, जैमर, सुरक्षित नेटवर्क, बैठने की व्यवस्था, सुरक्षा उपकरण और अन्य तकनीकी संसाधनों की जरूरत होगी। इतना बड़ा नेटवर्क खड़ा करने के लिए भारी बजट की आवश्यकता होगी।
25 से ज्यादा प्रवेश और भर्ती परीक्षाओं का जिम्मा
एनटीए के पास जेईई मेन, नीट यूजी, सीयूईटी यूजी, सीयूईटी पीजी, यूजीसी नेट, सीएसआईआर यूजीसी नेट और सीएमएटी समेत 25 से अधिक प्रवेश एवं भर्ती परीक्षाओं के आयोजन की जिम्मेदारी है। इन परीक्षाओं में सालभर में करीब एक करोड़ अभ्यर्थी शामिल होते हैं। ऐसे में नीट को भी पूरी तरह कंप्यूटर आधारित करने पर मौजूदा परीक्षा ढांचे पर दबाव और बढ़ सकता है।
चीन के गाओकाओ से अलग है भारत की चुनौती
चीन में उच्च शिक्षा में प्रवेश के लिए आयोजित होने वाली गाओकाओ परीक्षा में करीब सवा करोड़ विद्यार्थी हिस्सा लेते हैं। यह परीक्षा दो दिनों में पेन-पेपर मोड में आयोजित होती है और इस दौरान बड़े स्तर पर प्रशासनिक इंतजाम किए जाते हैं।इसके मुकाबले भारत में एनटीए को एक ही परीक्षा के बजाय पूरे वर्ष अलग-अलग प्रवेश और भर्ती परीक्षाएं आयोजित करनी होती हैं। यही वजह है कि कंप्यूटर आधारित परीक्षाओं के लिए स्थायी और सुरक्षित ढांचा तैयार करना एजेंसी के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।