बरेली। सावन के पावन महीने में उज्जैन स्थित महाकालेश्वर मंदिर के दर्शन को जाने वाले श्रद्धालुओं की भीड़ बढ़ने के साथ ही बरेली-इंदौर साप्ताहिक एक्सप्रेस में टिकटों की भारी किल्लत देखने को मिल रही है। स्थिति यह है कि सितंबर मध्य तक इस ट्रेन में किसी भी श्रेणी में कन्फर्म टिकट उपलब्ध नहीं हैं, जिससे यात्रियों की यात्रा योजना प्रभावित हो रही है।
स्लीपर से लेकर एसी तक सभी श्रेणियों में लंबी वेटिंग
बरेली से उज्जैन और इंदौर जाने वाली ट्रेन संख्या 14320-21 बरेली-इंदौर एक्सप्रेस में स्लीपर, एसी तृतीय और एसी द्वितीय श्रेणी में 16 सितंबर तक वेटिंग लिस्ट चल रही है। महाकाल दर्शन के लिए बढ़ी मांग के चलते टिकटों की मारामारी और तेज हो गई है।
वापसी यात्रा में भी नहीं मिल रहे कन्फर्म टिकट
इंदौर से बरेली लौटने वाली ट्रेन संख्या 14319 इंदौर-बरेली एक्सप्रेस में भी स्थिति समान है। 13 से 27 अगस्त तक सभी श्रेणियों में कन्फर्म टिकट उपलब्ध नहीं हैं और यात्रियों को वेटिंग पर ही निर्भर रहना पड़ रहा है।
साप्ताहिक ट्रेन होने से बढ़ी परेशानी
बरेली जंक्शन से प्रत्येक बुधवार को चलने वाली यह एकमात्र साप्ताहिक ट्रेन यात्रियों के लिए प्रमुख विकल्प है। सीमित संचालन के कारण इसमें सीटों की उपलब्धता पहले से ही कम रहती है, लेकिन सावन में धार्मिक यात्राओं के चलते दबाव कई गुना बढ़ गया है।
यात्रा समय और रूट विवरण
यह ट्रेन बरेली से चंदौसी, अलीगढ़, आगरा, ग्वालियर, झांसी होते हुए उज्जैन और इंदौर तक जाती है।
- प्रस्थान: बुधवार, सुबह 11:25 बजे (बरेली जंक्शन)
- पहुंच: अगले दिन सुबह 08:55 बजे (इंदौर जंक्शन)
- कुल दूरी: लगभग 1033 किलोमीटर
- यात्रा समय: करीब 21 घंटे 30 मिनट
ब्लॉक के बाद फिर शुरू हुआ संचालन, लेकिन राहत नहीं
बरेली जंक्शन यार्ड में ब्लॉक के चलते यह ट्रेन लगभग एक माह तक निरस्त रही थी। ब्लॉक समाप्त होने के बाद 5 और 6 अगस्त से इसका नियमित संचालन दोबारा शुरू हुआ, लेकिन यात्रियों को राहत नहीं मिल सकी और टिकटों की समस्या जस की तस बनी हुई है।
श्रद्धालुओं की बढ़ी चिंता
महाकाल दर्शन के लिए उज्जैन जाने वाले श्रद्धालु लगातार टिकट न मिलने से परेशान हैं। कई यात्रियों को या तो यात्रा की तारीख बदलनी पड़ रही है या फिर वैकल्पिक मार्गों की तलाश करनी पड़ रही है।फिलहाल, बरेली-इंदौर एक्सप्रेस में वेटिंग की स्थिति ने महाकाल दर्शन की योजना बना रहे श्रद्धालुओं की मुश्किलें बढ़ा दी हैं।