बरेली। 108वें उर्स-ए-आला हजरत में मिन्नत लेकर मध्यप्रदेश से बरेली पहुंचे 69 वर्षीय बुजुर्ग जायरीन गुलाम मुस्तफा रहस्यमय ढंग से लापता हो गए। शनिवार तड़के वह बिहारीपुर स्थित इस्लामिया ग्राउंड में मौजूद थे, लेकिन सुबह करीब पांच बजे अचानक भीड़ के बीच से ओझल हो गए। घंटों तक उर्स स्थल, गलियों और आसपास के रास्तों पर तलाश के बावजूद उनका कोई सुराग नहीं लगा। परेशान परिजनों ने अब कोतवाली पुलिस से मदद की गुहार लगाई है।
मध्यप्रदेश के सिंगरौली जिले के बैढ़न थाना क्षेत्र के मदरसा टोला, पचोर निवासी गुलाम मुस्तफा 108वें उर्स-ए-आला हजरत में शामिल होने के लिए बरेली आए थे। परिजनों के मुताबिक वह मिन्नत लेकर दरगाह पहुंचे थे। शनिवार सुबह करीब पांच बजे तक उन्हें इस्लामिया ग्राउंड में देखा गया, लेकिन कुछ देर बाद वह अचानक नजरों से ओझल हो गए।
उर्स स्थल से गलियों तक छानी खाक, नहीं मिला कोई सुराग
बुजुर्ग के दिखाई नहीं देने पर परिवार ने पहले अपने स्तर पर उनकी तलाश शुरू की। इस्लामिया ग्राउंड से लेकर बिहारीपुर की गलियों और उर्स में आने-जाने वाले प्रमुख रास्तों तक उन्हें खोजा गया। दूसरे जायरीन और परिचितों से भी पूछताछ की गई, लेकिन गुलाम मुस्तफा के बारे में कोई जानकारी नहीं मिल सकी। समय गुजरने के साथ परिवार की बेचैनी बढ़ती गई। गुलाम मुस्तफा के भतीजे मुइनूद्दीन ने कोतवाली पुलिस को तहरीर देकर पूरे घटनाक्रम की जानकारी दी है। उन्होंने पुलिस से चाचा की गुमशुदगी दर्ज कर जल्द से जल्द तलाश कराने की मांग की है। परिवार अपने स्तर पर भी लगातार बरेली में उनकी खोजबीन कर रहा है।
कोतवाली पुलिस ने शुरू की तलाश
बुजुर्ग जायरीन के लापता होने की सूचना मिलने के बाद कोतवाली पुलिस भी उनकी तलाश में जुट गई है। पुलिस उर्स स्थल और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों से भी बुजुर्ग के संबंध में सुराग जुटाने का प्रयास कर रही है। इसके साथ ही संबंधित पुलिस चौकियों और थानों तक सूचना पहुंचाकर जानकारी जुटाई जा रही है। परिवार को उम्मीद है कि पुलिस की पड़ताल के बाद जल्द ही गुलाम मुस्तफा का पता चल सकेगा। कोतवाली इंस्पेक्टर राजीव कुमार सिंह ने बताया कि बुजुर्ग के लापता होने के संबंध में सूचना मिली है। पुलिस उनकी तलाश करा रही है। उर्स क्षेत्र और आसपास के इलाकों से भी जानकारी जुटाई जा रही है। बुजुर्ग के संबंध में कोई जानकारी मिलते ही परिजनों को अवगत कराया जाएगा।