बरेली। उर्स-ए-रजवी के आखिरी दिन बरेली में अकीदत का सैलाब उमड़ पड़ा है। देश-दुनिया से पहुंचे जायरीन से इस्लामिया कॉलेज मैदान से लेकर दरगाह आला हजरत तक का इलाका खचाखच भरा है। गलियां और प्रमुख रास्ते अकीदतमंदों की भीड़ से गुलजार हैं। सुबह से कुरानख्वानी, नात-ओ-मनकबत और उलमा की तकरीरों का सिलसिला चल रहा है। हर निगाह अब उस खास घड़ी पर टिकी है, जब दोपहर 2:38 बजे आला हजरत का कुल शरीफ होगा। कुल में भारी भीड़ उमड़ने के मद्देनजर पुलिस-प्रशासन भी पूरी तरह अलर्ट है और सुरक्षा व्यवस्था को चाक-चौबंद रखा गया है।
मीडिया प्रभारी नासिर कुरैशी के मुताबिक शनिवार सुबह छह बजे कुरानख्वानी के साथ आखिरी दिन के कार्यक्रम शुरू हुए। सुबह आठ बजे से महफिल सजी, जिसमें देश-विदेश से आए सज्जादगान और उलमा खिताब कर रहे हैं। दोपहर 2:38 बजे आला हजरत के कुल शरीफ के साथ तीन दिवसीय उर्स का समापन होगा।
रातभर चला जलसा, भोर तक गूंजती रहीं तकरीरें
उर्स के दूसरे दिन शुक्रवार रात इस्लामिया कॉलेज मैदान पर भव्य जलसा सजाया गया। दरगाह प्रमुख मौलाना सुब्हान रजा खान की सरपरस्ती और सज्जादानशीन मुफ्ती अहसन मियां की सदारत में हुए जलसे का आगाज मुफ्ती कारी नाजिर तहसीनी ने तिलावत-ए-कुरान से किया। इसके बाद देश-विदेश के उलमा ने मजहब-ए-इस्लाम के फराइज, पैगंबर-ए-इस्लाम की तालिमात, मसलक-ए-आला हजरत और मुफ्ती आजम हिंद की जिंदगी पर रोशनी डाली। उलमा ने मुसलमानों से कुरान और पैगंबर-ए-इस्लाम की शिक्षा के मुताबिक जिंदगी गुजारने की अपील की। कहा कि मुसलमान अल्लाह की रस्सी को मजबूती से थामें और मसलक-ए-आला हजरत पर कायम रहते हुए अपने मजहबी फराइज अदा करें।
मुफ्ती आजम हिंद के कुल में उमड़ी अकीदत
देर रात मुफ्ती आजम हिंद का कुल शरीफ हुआ। इसमें बड़ी संख्या में जायरीन शामिल हुए। उलमा ने मुफ्ती आजम हिंद के फतवों और उनकी दीनी व सामाजिक खिदमत का जिक्र किया। वक्ताओं ने कहा कि देश के विभाजन के बाद हिंदू-मुस्लिम के बीच बढ़ती दूरी को कम करने में भी उन्होंने अपने किरदार और दुआओं के जरिये अहम भूमिका निभाई। इसके बाद सज्जादानशीन मुफ्ती अहसन मियां ने खुसूसी दुआ कराई। कार्यक्रम भोर तक चलता रहा। निजामत कारी यूसुफ रजा संभाली ने की।
दरगाह प्रमुख का पैगाम भी सुनाया गया
दरगाह प्रमुख के पौत्र अहसान रजा खान ने आला हजरत और मुफ्ती आजम हिंद की दीनी और रूहानी खिदमत पर रोशनी डाली। मुफ्ती सलीम नूरी बरेलवी ने दरगाह प्रमुख मौलाना सुब्हान रजा खान का पैगाम पढ़कर सुनाया। जलसे में मुफ्ती गुलफाम रामपुरी, मौलाना जिक्रुल्लाह, अल्लामा असलम टनकपुरी, मौलाना मुख्तार बहेड़वी, मौलाना सुल्तान रजा बैरायची, मौलाना सलीम रजा बदायूंनी, कारी सखावत मुरादाबादी, मुफ्ती सैयद कफील हाशमी और मौलाना जाहिद रजा समेत कई उलमा ने खिताब किया। सैफी मियां ने आला हजरत की लिखी नात का नजराना पेश किया।
भीड़ के बीच DM-SSP ने पैदल नापे रास्ते
आला हजरत के कुल में उमड़ने वाली भीड़ को देखते हुए प्रशासन और पुलिस भी अलर्ट मोड में है। जिलाधिकारी अविनाश सिंह और एसएसपी अनुराग आर्य ने अधिकारियों के साथ पैदल गश्त कर सुरक्षा इंतजाम परखे। इस्लामिया मैदान, दरगाह मार्ग, बिहारीपुर चौकी, इस्लामिया मार्केट और पटेल चौक समेत प्रमुख स्थानों का निरीक्षण किया गया। अधिकारियों ने संवेदनशील स्थानों पर विशेष सतर्कता रखने और संदिग्ध गतिविधि की सूचना मिलते ही कार्रवाई के निर्देश दिए। डीएम और एसएसपी ने जायरीन, स्थानीय लोगों और दुकानदारों से भी बातचीत की। निरीक्षण के दौरान एसपी सिटी मानुष पारीक, एसपी ट्रैफिक अकमल खान, एडीएम सिटी अविनाश त्रिपाठी और सिटी मजिस्ट्रेट राजेश कुमार वर्मा समेत अन्य अधिकारी मौजूद रहे।