बरेली। चार माह का मासूम बेटा और तीन महीने से अलग रह रहे माता-पिता। पत्नी को उम्मीद थी कि शायद बच्चे की खातिर बिखरता परिवार फिर जुड़ जाए। आरोप है कि पति ने भी बच्चे का वास्ता देकर रिश्ते सुधारने का भरोसा दिलाया। इसी उम्मीद में महिला उसके साथ होटल चली गई, लेकिन वहां जो हुआ, उसके बाद मामला सुलह के बजाय पुलिस तक पहुंच गया। महिला ने पति पर उसकी इच्छा के विरुद्ध कई बार शारीरिक संबंध बनाने और बाद में उसे व बच्चे को धमकाने का आरोप लगाया है। शिकायत एसएसपी अनुराग आर्य से की गई है।
बारादरी थाना क्षेत्र के संजय नगर निवासी महिला ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि उसका विवाह संकेत नाम के युवक से हुआ है। दंपती का चार माह का बेटा है। वैवाहिक विवाद के चलते पति-पत्नी करीब तीन महीने से अलग रह रहे हैं और दोनों के बीच पहले से मुकदमा भी चल रहा है। महिला के मुताबिक, 28 सितंबर की शाम करीब 4:45 बजे पति ने उससे संपर्क किया। आरोप है कि पति ने बच्चे का वास्ता दिया और कहा कि वह वैवाहिक संबंध सुधारना चाहता है। पति की बात पर भरोसा कर महिला उसके साथ एक होटल पहुंच गई। महिला का आरोप है कि होटल पहुंचने के बाद परिस्थितियां बदल गईं। उसने शारीरिक संबंध बनाने से स्पष्ट इनकार किया, इसके बावजूद पति ने उसकी इच्छा के विरुद्ध कई बार संबंध बनाए। विरोध करने पर भी वह नहीं माना।
जितने मुकदमे करने हैं कर लो
शिकायत में महिला ने आरोप लगाया कि इसके बाद पति ने उसे धमकाया। महिला के मुताबिक, पति ने उससे कहा कि वह चाहे जितने मुकदमे कर ले, उसका कोई कुछ नहीं बिगाड़ सकता। महिला का कहना है कि इसी दौरान पति के मोबाइल पर एक महिला का फोन भी आया। महिला ने शिकायत में दावा किया है कि उसे पहले से दोनों के कथित संबंधों को लेकर संदेह था। बाद में उसने संबंधित महिला से फोन पर बात कर आपत्ति जताई। महिला का दावा है कि इस बातचीत की रिकॉर्डिंग समेत अन्य साक्ष्य भी उसके पास मौजूद हैं।
चार माह के बेटे की सुरक्षा को लेकर भी जताया डर
पीड़िता का आरोप है कि घटना के बाद पति ने उससे बातचीत बंद कर दी। शिकायत में उसने पति पर उसे और उसके बच्चे को लेकर आपत्तिजनक बातें कहने और धमकी देने का भी आरोप लगाया है। इसके बाद महिला को अपनी और चार माह के बेटे की सुरक्षा की चिंता सताने लगी। महिला ने शनिवार को एसएसपी अनुराग आर्य से शिकायत कर मुकदमा दर्ज करने, निष्पक्ष जांच कराने और अपने व बच्चे के लिए सुरक्षा की मांग की है। शिकायत में लगाए गए आरोपों की पुलिस स्तर से जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी।