बरेली। सरकारी दफ्तरों में अपनी समस्या लेकर पहुंचने वाले फरियादियों को अब अधिकारियों के इंतजार में भटकना नहीं पड़ेगा। जिलाधिकारी अविनाश सिंह ने सभी अधिकारियों को प्रत्येक कार्यदिवस में सुबह 10 से दोपहर 12 बजे तक कार्यालय में मौजूद रहकर जनसुनवाई करने के निर्देश दिए हैं। शनिवार को आंवला तहसील में आयोजित सम्पूर्ण समाधान दिवस में डीएम ने शिकायतों के निस्तारण में लापरवाही नहीं बरतने की चेतावनी भी दी।
सम्पूर्ण समाधान दिवस में भूमि विवाद, चकबंदी, राशन, आवास, राजस्व, पेंशन और सड़क समेत विभिन्न विभागों से जुड़ी शिकायतें पहुंचीं। ग्राम भूड़ा निवासी एक व्यक्ति ने गांव के कुछ लोगों पर उसकी भूमि पर अवैध कब्जा करने का आरोप लगाया। डीएम ने एसडीएम और तहसीलदार को मामले की जांच कर कार्रवाई के निर्देश दिए।
विधवा पेंशन नहीं मिली तो डीएम तक पहुंची महिला
ग्राम घेर करम खां की एक महिला ने शिकायत की कि उसे विधवा पेंशन नहीं मिल रही है। डीएम ने जिला प्रोबेशन अधिकारी को मामले में तत्काल कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि शिकायत का केवल कागजी निस्तारण न किया जाए, बल्कि शिकायतकर्ता की संतुष्टि भी सुनिश्चित की जाए। ग्राम सेंधा के एक ग्रामीण ने डीएम को बताया कि अरिल नदी में पानी बढ़ने के कारण उसका मकान गिर गया है। परिवार के लिए टूटे मकान में रहना मुश्किल हो रहा है। डीएम ने तहसीलदार को मौके की जांच कर नियमानुसार सहायता दिलाने के निर्देश दिए।
गर्भवती महिलाओं की गोदभराई, बच्चों का अन्नप्राशन
तहसील में सेवा संकल्प अभियान के तहत गर्भवती महिलाओं की गोदभराई और बच्चों का अन्नप्राशन भी कराया गया। बेहतर कार्य करने वाली आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और आशाओं को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। समाधान दिवस के बाद मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना कल्याण योजना और दैवीय आपदा से फसल नुकसान झेलने वाले पात्र लोगों को सहायता राशि के चेक दिए गए। खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत छह पात्र लाभार्थियों को अन्त्योदय राशन कार्ड भी वितरित किए गए। इस दौरान एसपी दक्षिणी अंशिका वर्मा, सीएमओ डॉ. विश्राम सिंह, जिला विकास अधिकारी दिनेश कुमार, एसडीएम आंवला सुशील मिश्रा, एसडीएम न्यायिक शिव प्रसाद समेत विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।