बरेली। विकास विभाग में कार्यरत उर्दू अनुवादकों को एक बार फिर बड़ा झटका लगा है। शासन के निर्देश पर जिला विकास अधिकारी (डीडीओ) ने तीसरी एसीपी के तहत 4600 रुपये ग्रेड पे के आधार पर वेतन भुगतान की मांग को खारिज करते हुए इसे निरस्त कर दिया है। अब सभी संबंधित कर्मियों को 4200 रुपये ग्रेड पे के अनुसार ही वेतन मिलेगा। साथ ही वर्ष 2023 से अब तक किए गए अतिरिक्त भुगतान की रिकवरी भी की जाएगी।
जिला विकास अधिकारी दिनेश कुमार यादव द्वारा जारी आदेश के अनुसार यह निर्णय शासन के निर्देश पर जिलाधिकारी की ओर से गठित विशेष जांच समिति की रिपोर्ट के आधार पर लिया गया है। जांच में पाया गया कि विकास विभाग में तैनात उर्दू अनुवादकों को नियमों और सक्षम स्तर की स्वीकृति के बिना 4200 रुपये के स्थान पर 4600 रुपये ग्रेड पे का लाभ दिया गया था।
दरअसल, वर्ष 2024 में तत्कालीन कृषि एवं माध्यमिक शिक्षा विभाग के वित्त एवं लेखाधिकारी रामआसरे गंगवार की जांच में इस अनियमितता का खुलासा हुआ था। जांच रिपोर्ट में स्पष्ट किया गया था कि 4600 रुपये ग्रेड पे का भुगतान नियमों के विपरीत किया गया, जिससे सरकारी धन का अतिरिक्त व्यय हुआ। डीडीओ के ताजा आदेश के तहत कमर अब्बास जैदी समेत सभी 10 उर्दू अनुवादकों को दिया जा रहा 4600 रुपये ग्रेड पे समाप्त कर 4200 रुपये ग्रेड पे निर्धारित कर दिया गया है। इसके अलावा वर्ष 2023 से अब तक हुए अतिरिक्त भुगतान का आकलन कर संबंधित कर्मचारियों से वसूली करने के निर्देश बिल लिपिक को दिए गए हैं।
कुछ जिलों में अब भी मिल रहा 4600 ग्रेड पे
डीडीओ दिनेश कुमार यादव ने बताया कि शासन के निर्देश पर डीएम की ओर से गठित समिति की जांच रिपोर्ट के आधार पर यह फैसला लिया गया है। कमर अब्बास जैदी सहित सभी 10 उर्दू अनुवादकों को अब 4200 रुपये ग्रेड पे के आधार पर ही वेतन मिलेगा। हालांकि प्रदेश के कुछ अन्य जिलों में अभी भी उर्दू अनुवादकों को तीसरी एसीपी के तहत 4600 रुपये ग्रेड पे का लाभ दिया जा रहा है।