नई दिल्ली। नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के आसपास विकास को नई रफ्तार देने के लिए यमुना एक्सप्रेसवे इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट अथॉरिटी (YEIDA) ने एयरोसिटी विकसित करने की योजना बनाई है। इसके तहत एयरपोर्ट के आसपास होटल, मॉल, मल्टीप्लेक्स, शॉपिंग कॉम्प्लेक्स और ऑफिस स्पेस विकसित किए जाएंगे। माना जा रहा है कि इससे यमुना एक्सप्रेसवे क्षेत्र आने वाले वर्षों में एक बड़े आर्थिक और कारोबारी केंद्र के रूप में उभर सकता है।
अधिकारियों के अनुसार एयरपोर्ट संचालन शुरू होने के बाद अब एयरोसिटी परियोजना पर फोकस किया जाएगा। एयरपोर्ट के आसपास विकसित होने वाले होटल, रेस्टोरेंट, ऑफिस और मनोरंजन सुविधाएं यात्रियों, कंपनियों और कर्मचारियों की जरूरतों को पूरा करेंगी। इससे क्षेत्र में रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और नए निवेश को भी बढ़ावा मिलेगा।
सिर्फ एयरोसिटी नहीं, बनेगा बड़ा इकॉनोमिक हब
YEIDA की योजना केवल एयरपोर्ट तक सीमित नहीं है। अथॉरिटी इस क्षेत्र को एक बड़े इकॉनोमिक जोन के रूप में विकसित करना चाहती है। इसके लिए लॉजिस्टिक्स हब, इंडस्ट्रियल पार्क, आईटी और फिनटेक हब जैसी परियोजनाओं पर भी काम किया जा रहा है। इसके अलावा फिल्म सिटी, वेयरहाउसिंग हब और नई टाउनशिप जैसे कई बड़े प्रोजेक्ट पहले से प्रस्तावित हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि इन परियोजनाओं के पूरा होने से पश्चिमी उत्तर प्रदेश में रोजगार, कारोबार और निवेश के नए अवसर पैदा होंगे। इससे क्षेत्र की आर्थिक गतिविधियां तेजी से बढ़ सकती हैं।
घर खरीदारों और निवेशकों को होगा फायदा
रियल एस्टेट विशेषज्ञों का कहना है कि किसी भी क्षेत्र में होटल, मॉल, ऑफिस और कमर्शियल सेंटर बनने से वहां रोजगार और आबादी दोनों बढ़ती हैं। इसके साथ ही स्कूल, अस्पताल और अन्य सुविधाओं का विकास भी तेजी से होता है। ऐसे में यमुना एक्सप्रेसवे पर घर खरीदने की योजना बना रहे लोगों के लिए यह सकारात्मक संकेत माना जा रहा है। हालांकि विशेषज्ञों ने यह भी कहा है कि इन परियोजनाओं का पूरा लाभ मिलने में समय लगेगा और निवेशकों को लंबी अवधि की सोच के साथ फैसला करना चाहिए।
तेजी से बढ़ रही हैं प्रॉपर्टी की कीमतें
रियल एस्टेट रिपोर्टों के अनुसार जेवर और आसपास के क्षेत्रों में पिछले पांच वर्षों के दौरान अपार्टमेंट की कीमतें करीब तीन गुना तक बढ़ी हैं, जबकि प्लॉट की कीमतों में डेढ़ गुना तक वृद्धि दर्ज की गई है। कुछ माइक्रो मार्केट में संपत्ति के दाम पांच गुना तक बढ़ने की बात भी सामने आई है। विशेषज्ञों का मानना है कि होटल, मॉल, ऑफिस और लॉजिस्टिक्स हब बनने से आवासीय और व्यावसायिक संपत्तियों की मांग और बढ़ेगी। बेहतर सड़क, मेट्रो और अन्य परिवहन सुविधाएं भी प्रॉपर्टी बाजार को मजबूती देंगी।
कनेक्टिविटी बनेगी सबसे बड़ी ताकत
यमुना एक्सप्रेसवे क्षेत्र की सबसे बड़ी ताकत इसकी बेहतर कनेक्टिविटी मानी जा रही है। एयरपोर्ट को दिल्ली, नोएडा और ग्रेटर नोएडा से जोड़ने के लिए कई सड़क और परिवहन परियोजनाओं पर काम चल रहा है। यमुना-पुश्ता कॉरिडोर जैसे प्रस्ताव भी यात्रा को आसान बनाने में अहम भूमिका निभा सकते हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि आने वाले वर्षों में एयरोसिटी और एयरपोर्ट के आसपास बढ़ती कारोबारी गतिविधियां इस क्षेत्र को एनसीआर के सबसे आकर्षक निवेश केंद्रों में शामिल कर सकती हैं।