बरेली। राज्य कर विभाग की विशेष अनुसंधान शाखा (SIB) ने पीलीभीत के बीसलपुर स्थित खाद कारोबारी सर्वश्री ज्वाला शरण जगदीश शरण समूह पर बड़ी कार्रवाई करते हुए करीब डेढ़ करोड़ रुपये की जीएसटी कर चोरी का खुलासा किया है।
देर रात तक चली छापेमारी के दौरान कारोबारी की ओर से 90 लाख रुपये तत्काल सरकारी खाते में जमा करा दिए गए, जबकि शेष राशि बाद में जमा कराने का आश्वासन दिया गया है। कार्रवाई के बाद व्यापारिक जगत में हड़कंप मचा हुआ है।

वित्तीय रिकॉर्ड में कई गंभीर विसंगतियां
डिप्टी कमिश्नर अनिरुद्ध सिंह के नेतृत्व में राज्य कर विभाग की टीम ने बरेली, पीलीभीत, शाहजहांपुर और बदायूं में स्थित फर्म के कार्यालयों और गोदामों पर एक साथ छापेमारी की। कई घंटों तक चली जांच में बिना बिल माल बेचने, कर भुगतान में अनियमितता और वित्तीय रिकॉर्ड में कई गंभीर विसंगतियां सामने आईं। अधिकारियों ने कारोबारी के व्यापारिक अभिलेख कब्जे में लेकर विस्तृत जांच शुरू कर दी है।
चार साल का हिसाब खंगाला, 382 करोड़ का कारोबार जांच के घेरे में
प्रारंभिक जांच में सामने आया कि फर्म ने पिछले चार वर्षों में करीब 382 करोड़ रुपये का कारोबार किया। इस दौरान लगभग 32 करोड़ रुपये के कर दायित्व के मुकाबले अधिकांश टैक्स इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) के जरिए समायोजित किया गया, जबकि नकद कर के रूप में सिर्फ 21 लाख रुपये ही जमा किए गए। इसी आधार पर विभाग को बड़े पैमाने पर कर अनियमितताओं की आशंका हुई।
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100 करोड़ सालाना कारोबार, लंबे समय से मिल रही थीं शिकायतें
डिप्टी कमिश्नर अनिरुद्ध सिंह ने बताया कि समूह का मुख्य कार्यालय बीसलपुर में है, जबकि प्रमुख गोदाम फरीदपुर में संचालित होता है। इसके अलावा शाहजहांपुर, बदायूं, बरेली और पीलीभीत में भी गोदाम हैं। फर्म का सालाना कारोबार करीब 100 करोड़ रुपये है और यह खाद, कीटनाशक व फफूंदनाशक उत्पादों के वितरण का कार्य करती है। विभाग को लंबे समय से कर अनियमितताओं की शिकायतें मिल रही थीं, जिसके बाद विशेष जांच अभियान चलाया गया।
देर रात तक चली कार्रवाई, कई अधिकारी रहे मौजूद
कार्रवाई देर रात तक जारी रही। जांच दल में राज्य कर अधिकारी ताराचंद, प्रदीप कुमार, युवराज, राज खन्ना, पंकज सहित अन्य अधिकारी शामिल रहे। विभाग का कहना है कि जब्त किए गए दस्तावेजों और डिजिटल रिकॉर्ड की विस्तृत जांच के बाद कर चोरी की वास्तविक राशि और बढ़ सकती है। यदि जांच में और अनियमितताएं सामने आती हैं तो कारोबारी के खिलाफ नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।

