ढाका। भारत के साथ रिश्तों में आई तल्खी कम करने की बात कहने के कुछ ही दिन बाद तुर्की ने बांग्लादेश के साथ अपने रणनीतिक और रक्षा संबंधों को नई रफ्तार देने के संकेत दिए हैं। तुर्की के विदेश मंत्री हाकान फिदान ने ढाका दौरे के दौरान बांग्लादेश के साथ रक्षा उद्योग, ड्रोन तकनीक, व्यापार और निवेश के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने की प्रतिबद्धता जताई। दोनों देशों के बीच मुक्त व्यापार समझौते (FTA) और रक्षा साझेदारी को लेकर भी महत्वपूर्ण चर्चा हुई।
दो दिवसीय आधिकारिक यात्रा पर ढाका पहुंचे हाकान फिदान ने बांग्लादेश के विदेश मंत्री खलीलुर्रहमान के साथ विस्तृत वार्ता की। बैठक के बाद संयुक्त प्रेस वार्ता में दोनों नेताओं ने द्विपक्षीय संबंधों को रणनीतिक साझेदारी के नए स्तर तक ले जाने की बात कही।
ड्रोन और रक्षा सहयोग पर फोकस
तुर्की लंबे समय से अपने अत्याधुनिक सैन्य ड्रोन और रक्षा उपकरणों के लिए दुनिया भर में पहचान बना रहा है। फिदान ने संकेत दिए कि तुर्की और बांग्लादेश के बीच ड्रोन सहयोग और रक्षा खरीद को लेकर संभावनाएं तेजी से आगे बढ़ रही हैं। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच रक्षा उद्योग, तकनीक, निवेश और व्यापार के क्षेत्र में व्यापक अवसर मौजूद हैं।
भारत से दोस्ती का संदेश भी दोहराया
दिलचस्प बात यह है कि ढाका दौरे से पहले तुर्की ने भारत के साथ रिश्ते सुधारने की इच्छा भी जाहिर की थी। फिदान ने हाल ही में कहा था कि भारत और तुर्की के संबंधों के बीच पाकिस्तान को नहीं आना चाहिए और दोनों देशों को आपसी मतभेद दूर कर बेहतर संबंध बनाने चाहिए। ऐसे में बांग्लादेश दौरे को दक्षिण एशिया में तुर्की की सक्रिय कूटनीति के तौर पर देखा जा रहा है।
रोहिंग्या संकट पर बांग्लादेश की सराहना
बैठक में रोहिंग्या शरणार्थी संकट प्रमुख मुद्दा रहा। फिदान ने एक करोड़ से अधिक आबादी वाले देश बांग्लादेश द्वारा दस लाख से ज्यादा रोहिंग्या शरणार्थियों को शरण देने की सराहना की। उन्होंने कहा कि तुर्की म्यांमार में रोहिंग्याओं की सुरक्षित, स्वैच्छिक और सम्मानजनक वापसी के पक्ष में है और इस मुद्दे को अंतरराष्ट्रीय मंचों पर उठाता रहेगा।
गाजा पर भी जताई चिंता
तुर्की के विदेश मंत्री ने गाजा में जारी संघर्ष और इजरायली सैन्य कार्रवाई पर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि युद्धविराम की कोशिशों के बावजूद गाजा में हालात गंभीर बने हुए हैं और अंतरराष्ट्रीय समुदाय को स्थायी समाधान की दिशा में प्रयास तेज करने चाहिए। फिदान अपनी यात्रा के दौरान बांग्लादेश के शीर्ष नेतृत्व से मुलाकात करेंगे और कॉक्स बाजार स्थित रोहिंग्या शरणार्थी शिविरों का भी दौरा करेंगे। उनकी यह यात्रा दक्षिण एशिया में तुर्की की बढ़ती रणनीतिक सक्रियता का बड़ा संकेत मानी जा रही है।