आईपीओ बाजार में निवेश करने वालों के लिए जल्द बड़ी खबर आ सकती है। रिलायंस जियो और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) अपने बहुप्रतीक्षित आईपीओ के लिए इसी सप्ताह भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) के पास ड्राफ्ट दस्तावेज दाखिल कर सकते हैं। यदि ऐसा होता है तो रिलायंस जियो का इश्यू देश का अब तक का सबसे बड़ा आईपीओ बन जाएगा।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार रिलायंस जियो करीब 4 अरब डॉलर (लगभग 34 हजार करोड़ रुपये) जुटाने की तैयारी में है। माना जा रहा है कि रिलायंस इंडस्ट्रीज की वार्षिक आम बैठक (AGM) से पहले कंपनी सेबी के पास ड्राफ्ट प्रॉस्पेक्टस जमा कर सकती है। इससे निवेशकों के बीच उत्साह बढ़ गया है।
हुंडई मोटर इंडिया का रिकॉर्ड टूट सकता है
रिलायंस जियो का प्रस्तावित आईपीओ आकार के लिहाज से अब तक के सबसे बड़े इश्यू का रिकॉर्ड तोड़ सकता है। फिलहाल यह रिकॉर्ड हुंडई मोटर इंडिया के नाम दर्ज है, जिसने 3.3 अरब डॉलर का आईपीओ लॉन्च किया था। बताया जा रहा है कि जियो के आईपीओ की संरचना में भी बदलाव किया गया है और इसे ऑफर फॉर सेल (OFS) के बजाय फ्रेश इश्यू के रूप में लाने की तैयारी है।
निवेशकों की निगाह AGM पर
रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन मुकेश अंबानी ने पिछले वर्ष एजीएम में संकेत दिया था कि जियो का आईपीओ 2026 की पहली छमाही में लाया जाएगा। हालांकि निर्धारित समयसीमा पूरी होती नहीं दिख रही है, लेकिन अब कंपनी की आगामी एजीएम से पहले कोई बड़ा ऐलान होने की उम्मीद जताई जा रही है।
कारोबार पर पड़ा वैश्विक संकट का असर
रिलायंस के लिए मौजूदा वर्ष चुनौतियों भरा रहा है। पश्चिम एशिया में जारी तनाव का असर कंपनी के रिफाइनिंग कारोबार पर पड़ा है। कंपनी के शेयरों में इस वर्ष करीब 15 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई है, जबकि मार्च तिमाही में शुद्ध लाभ में भी 13 प्रतिशत की कमी आई है।
एनएसई भी ला सकती है बड़ा इश्यू
जियो के साथ-साथ एनएसई भी अपना आईपीओ लाने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रही है। सूत्रों के मुताबिक एनएसई शुक्रवार तक सेबी के पास ड्राफ्ट पेपर दाखिल कर सकती है। अनलिस्टेड बाजार में एनएसई के शेयर फिलहाल 1,950 से 2,050 रुपये के बीच कारोबार कर रहे हैं। इस आधार पर कंपनी का अनुमानित मूल्यांकन करीब 5 लाख करोड़ रुपये बैठता है। माना जा रहा है कि एनएसई का आईपीओ पूरी तरह ऑफर फॉर सेल (OFS) आधारित हो सकता है।