बरेली। बिजली चोरी और बढ़ते लाइन लॉस पर लगाम कसने के लिए बिजली विभाग ने शुक्रवार तड़के बड़ा अभियान चलाया। जोन-प्रथम के हाई लाइन लॉस और हॉटस्पॉट क्षेत्रों में मॉर्निंग रेड एवं कांबिंग अभियान के दौरान 52 उपभोक्ता बिजली चोरी करते पकड़े गए। सभी के खिलाफ विद्युत चोरी का मुकदमा दर्ज कराया गया, जबकि बकाया बिल जमा न करने वाले 85 उपभोक्ताओं के कनेक्शन काट दिए गए।
तड़के शुरू हुए इस अभियान से कई इलाकों में हड़कंप मच गया। विभागीय टीमों ने अलग-अलग क्षेत्रों में पहुंचकर बिजली कनेक्शनों की गहन जांच की। अभियान के दौरान कुल 513 विद्युत संयोजनों की जांच की गई। जांच में बड़ी संख्या में उपभोक्ता सीधे लाइन से बिजली लेते या अन्य अनियमितताओं के जरिए बिजली चोरी करते पाए गए।
मुख्य अभियंता ज्ञान प्रकाश ने बताया कि बिजली चोरी रोकने और लाइन लॉस कम करने के उद्देश्य से यह विशेष अभियान चलाया गया। जांच में बिजली चोरी करते पाए गए 52 उपभोक्ताओं के खिलाफ विद्युत अधिनियम के तहत मुकदमे दर्ज कराए गए हैं। इन सभी मामलों को आरएमएस पोर्टल पर भी अपलोड किया जा रहा है ताकि आगे की कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।
उन्होंने बताया कि अभियान के दौरान ऐसे उपभोक्ताओं पर भी कार्रवाई की गई, जिन्होंने लंबे समय से बिजली बिल जमा नहीं किया था। कुल 85 बकायेदार उपभोक्ताओं के विद्युत कनेक्शन विच्छेदित कर दिए गए। साथ ही उन्हें चेतावनी दी गई कि बकाया भुगतान के बिना दोबारा बिजली का उपयोग करने पर सख्त कानूनी कार्रवाई होगी।
बिजली चोरी से बढ़ता है ट्रांसफार्मरों पर भार
मुख्य अभियंता ने कहा कि बिजली चोरी केवल विभाग को आर्थिक नुकसान नहीं पहुंचाती, बल्कि इसका सीधा असर ईमानदारी से बिल जमा करने वाले उपभोक्ताओं पर भी पड़ता है। अवैध रूप से बिजली उपयोग करने से ट्रांसफार्मरों पर अतिरिक्त भार बढ़ जाता है, जिसके कारण वोल्टेज की समस्या, बार-बार ट्रिपिंग और बिजली आपूर्ति बाधित होने जैसी परेशानियां सामने आती हैं।
उन्होंने स्पष्ट किया कि लाइन लॉस कम करने और उपभोक्ताओं को निर्बाध एवं गुणवत्तापूर्ण बिजली उपलब्ध कराने के लिए ऐसे अभियान आगे भी लगातार जारी रहेंगे। विभाग ने लोगों से बिजली चोरी न करने और समय पर बिल जमा करने की अपील की है।