बरेली। मानसून से पहले नाला सफाई के दावों की हकीकत शासन की ऑनलाइन समीक्षा बैठक में खुलकर सामने आ गई। कागजों में चमकती सफाई व्यवस्था जमीनी निरीक्षण में फेल साबित हुई तो नगर निगम प्रशासन ने बड़ा एक्शन लेते हुए दो ठेकेदारों पर 7.50 लाख रुपये का जुर्माना ठोक दिया। वहीं बिना सत्यापन रिपोर्ट भेजने के आरोप में दो सहायक अभियंता (एई) और चार अवर अभियंता (जेई) को कारण बताओ नोटिस जारी कर जवाब तलब किया गया है।
बुधवार को शासन स्तर पर वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से नाला सफाई कार्यों की समीक्षा की गई। समीक्षा के दौरान कई नालों की सफाई अधूरी मिलने और रिपोर्ट में दर्ज दावों से वास्तविक स्थिति अलग पाए जाने पर अधिकारियों में खलबली मच गई। इसके बाद नगर निगम की टीम ने विभिन्न स्थलों पर पहुंचकर निरीक्षण किया, जहां नालों में सिल्ट, कूड़ा-कचरा और जल निकासी में बाधा बनने वाली कई गंभीर खामियां मिलीं।
बिना निरीक्षण भेज दी सफाई पूरी की रिपोर्ट
जांच में सबसे चौंकाने वाली बात यह सामने आई कि कुछ स्थानों पर अवर अभियंताओं ने मौके का निरीक्षण किए बिना ही नाला सफाई कार्य पूरा होने की रिपोर्ट शासन को भेज दी थी। शासन के समक्ष प्रस्तुत रिपोर्ट और वास्तविक स्थिति में बड़ा अंतर मिलने पर जिम्मेदार अधिकारियों की कार्यशैली पर सवाल खड़े हो गए। मामले को गंभीर मानते हुए नगर निगम प्रशासन ने सहायक अभियंता मुकेश शाक्य और मूलचंद के साथ अवर अभियंता वीर प्रताप सिंह पटेल, अरुण कुमार, मनीष वैद्य और अनुराग कमल को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। अधिकारियों से स्पष्ट किया गया है कि संतोषजनक जवाब न मिलने पर आगे कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
ठेकेदारों पर भी गिरी कार्रवाई की गाज
मुख्य अभियंता मनीष अवस्थी ने बताया कि समीक्षा के दौरान कार्यों में गंभीर अनियमितताएं मिलने पर मैसर्स आरके कांट्रैक्टर पर 2.50 लाख रुपये तथा मैसर्स सांई कांट्रैक्टर पर 5 लाख रुपये का आर्थिक दंड लगाया गया है। दोनों ठेकेदारों को भविष्य में कार्य गुणवत्ता सुधारने की चेतावनी भी दी गई है। मानसून सिर पर है और शहर को जलभराव से बचाने के लिए नाला सफाई सबसे महत्वपूर्ण कार्यों में शामिल है। ऐसे समय में सामने आई लापरवाही ने नगर निगम की तैयारियों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। अधिकारियों का कहना है कि सभी प्रमुख नालों की दोबारा जांच कराई जाएगी और दोषियों की जवाबदेही तय की जाएगी।
नगर आयुक्त का बयान
नगर आयुक्त संजीव कुमार मौर्य ने बताया कि नाला सफाई कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। निरीक्षण के बाद एई, जेई और ठेकेदारों की जिम्मेदारी तय कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।