बरेली। शिक्षक भर्ती परीक्षा में नकल माफियाओं की सेंधमारी की कोशिश पहले ही दिन नाकाम हो गई। बायोमेट्रिक सत्यापन के दौरान दूसरे अभ्यर्थियों की जगह परीक्षा देने पहुंचे दो सॉल्वर पकड़े गए, जबकि परीक्षा की शुचिता और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए आयोग द्वारा नामित प्रेक्षक एवं रिटायर्ड आईजी डॉ. राकेश सिंह ने परीक्षा केंद्रों का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि परीक्षा किसी भी कीमत पर नकलविहीन, पारदर्शी और निष्पक्ष होनी चाहिए।
प्रशिक्षित स्नातक शिक्षक (टीजीटी) चयन परीक्षा के लिए आयोग ने प्रदेश के विभिन्न जिलों में 18 सेवानिवृत्त आईपीएस, सात आईएएस, आईजी और डीआईजी स्तर के अधिकारियों को प्रेक्षक नियुक्त किया है। इसी क्रम में बरेली में रिटायर्ड आईजी डॉ. राकेश सिंह ने बुधवार को विभिन्न परीक्षा केंद्रों का निरीक्षण किया। उन्होंने परीक्षा संचालन, सुरक्षा व्यवस्था, बायोमेट्रिक सत्यापन और सीसीटीवी निगरानी की स्थिति का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान डॉ. राकेश सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर भर्ती परीक्षाओं को पूरी पारदर्शिता और शुचिता के साथ कराया जा रहा है। सरकार का उद्देश्य शिक्षित युवाओं को निष्पक्ष तरीके से रोजगार उपलब्ध कराना है। उन्होंने कहा कि मेधावी अभ्यर्थियों का अधिकार सुरक्षित रहे, इसके लिए नकल और फर्जीवाड़े के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई गई है। उन्होंने बताया कि अक्टूबर तक शिक्षक भर्ती और प्रधानाचार्य चयन समेत करीब पांच महत्वपूर्ण परीक्षाएं प्रस्तावित हैं, जिनकी रणनीति और सुरक्षा व्यवस्था का खाका पहले ही तैयार कर लिया गया है।
बायोमेट्रिक जांच में खुली सॉल्वरों की पोल
परीक्षा की प्रथम पाली में शहर के दो केंद्रों पर दूसरे अभ्यर्थियों की जगह परीक्षा देने पहुंचे दो सॉल्वर बायोमेट्रिक जांच में पकड़े गए। इस्लामिया इंटर कॉलेज केंद्र पर विजय प्रताप सिंह के स्थान पर प्रमोद यादव परीक्षा देने पहुंचा था। बायोमेट्रिक मिलान में गड़बड़ी मिलने पर उसे पकड़ लिया गया। केंद्र व्यवस्थापक की तहरीर पर कोतवाली थाने में मुकदमा दर्ज कराया गया। वहीं बरेली कॉलेज केंद्र पर रविंद्र के स्थान पर अमेठी निवासी राम मनोहर प्रजापति परीक्षा देने पहुंचा था। बायोमेट्रिक सत्यापन में पहचान उजागर होने के बाद उसे भी हिरासत में लेकर बारादरी थाने में मुकदमा दर्ज किया गया।
सीसीटीवी और बायोमेट्रिक से कड़ी निगरानी
अपर जिलाधिकारी नगर अविनाश त्रिपाठी ने बताया कि सभी परीक्षा केंद्रों पर बायोमेट्रिक उपस्थिति, सीसीटीवी निगरानी और बहुस्तरीय सुरक्षा व्यवस्था लागू की गई है। पुलिस साल्वर गैंग के नेटवर्क की भी जांच कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि भर्ती परीक्षाओं की निष्पक्षता से कोई समझौता नहीं किया जाएगा और फर्जी अभ्यर्थियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।