बरेली। जिले में बढ़ते अपराध और लंबित मामलों को लेकर एसएसपी अनुराग आर्य सोमवार रात पूरी तरह एक्शन मोड में नजर आए। गूगल मीट के जरिए हुई जिलेभर के पुलिस अधिकारियों की मैराथन समीक्षा बैठक में एसएसपी ने लंबित अपहरण मामलों पर कड़ी नाराजगी जताई और साफ शब्दों में पूछा कि आखिर ऐसे संवेदनशील मामले अब तक क्यों लंबित पड़े हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि लापरवाही और ढिलाई किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं की जाएगी।
बैठक में एसपी, सीओ, थाना प्रभारी, कोर्ट पैरोकार और अन्य पुलिस कर्मियों को एक-एक मामले का हिसाब देना पड़ा। एसएसपी ने अपहरण और व्यपहरण के लंबित मामलों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि पीड़ित परिवारों को न्याय दिलाने में देरी अब बर्दाश्त नहीं होगी। ऐसे मामलों का प्राथमिकता के आधार पर निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। बैठक में फरार वारंटियों और अदालत से जारी आदेशों की अनदेखी करने वालों पर भी कड़ा रुख अपनाया गया। एसएसपी ने जिलेभर में चार दिवसीय विशेष अभियान चलाकर गिरफ्तारी वारंट, सम्मन, जमानती और गैर-जमानती वारंटों के निष्पादन के निर्देश दिए। थाना प्रभारियों को लक्ष्य सौंपते हुए कहा गया कि रोजाना प्रगति की समीक्षा होगी और परिणाम जमीन पर दिखने चाहिए।
फास्ट ट्रैक कोर्ट के मामलों में नहीं चलेगी सुस्ती
न्यायालयों में लंबित मुकदमों और फास्ट ट्रैक कोर्ट के मामलों को लेकर भी एसएसपी ने अधिकारियों को फटकार लगाई। उन्होंने कहा कि अदालतों से जुड़े मामलों में किसी भी प्रकार की शिथिलता सीधे पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करती है। इसलिए हर आदेश, हर पत्रावली और हर मुकदमे की नियमित मॉनिटरिंग की जाए। बैठक में जनता से जुड़ी शिकायतों के निस्तारण को भी प्रमुख मुद्दा बनाया गया। एसएसपी ने कहा कि थानों में आने वाला हर फरियादी न्याय की उम्मीद लेकर आता है। इसलिए शिकायतों का निस्तारण केवल औपचारिकता नहीं, बल्कि जिम्मेदारी समझकर किया जाए। निष्पक्षता और पारदर्शिता पुलिस की पहचान बननी चाहिए।
हिस्ट्रीशीटर, गैंगस्टर और पेशेवर अपराधी रडार पर
अपराध नियंत्रण को लेकर एसएसपी ने हिस्ट्रीशीटरों, गैंगस्टरों, वांछित अपराधियों और पेशेवर बदमाशों की गतिविधियों पर कड़ी निगरानी रखने के निर्देश दिए। यक्ष ऐप पर गौकशी, डकैती, लूट समेत 21 श्रेणियों के अपराधियों का अपडेटेड रिकॉर्ड रखने और त्रिनेत्र ऐप के माध्यम से अधिक से अधिक अपराधियों की डिजिटल प्रोफाइलिंग करने पर जोर दिया गया। एसएसपी अनुराग आर्य ने कहा कि आधुनिक तकनीक, डिजिटल मॉनिटरिंग और डेटा आधारित पुलिसिंग ही भविष्य की जरूरत है। उन्होंने सभी अधिकारियों को जवाबदेही के साथ काम करने और जनता को तेज, पारदर्शी तथा प्रभावी पुलिस सेवाएं उपलब्ध कराने का निर्देश दिया।