पीड़ित युवक
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बरेली। भ्रष्टाचार पर जीरो टालरेंस कार्रवाई करते हुये एसएसपी अनुराग आर्य ने बारादरी थाने के चार पुलिस कर्मियों को सस्पेंड कर दिया है। एक प्रापर्टी डीलर ने पुलिस वालों पर अवैध हिरासत और जबरन वसूली का आरोप लगाया था। एसएसपी ने पुलिस कर्मियों के खिलाफ विभागीय जांच का भी आदेश दिया है।

हाफिजगंज क्षेत्र के गांव आसपुर हसन अली निवासी सोमवीर कश्यप ने एसएसपी को दिए शिकायती पत्र में आरोप लगाया कि 12 मई 2026 को प्रॉपर्टी डीलर प्रेम बाबू यादव उसे प्लॉट के एग्रीमेंट के बहाने न्यू विलयधाम ढाबा से अपने साथ ले गया। पीड़ित का कहना है कि डोहरा रोड स्थित एक स्थान पर पहुंचने के बाद उसके पास मौजूद 10 लाख रुपये से भरा बैग कथित रूप से अन्य लोगों को सौंप दिया गया और रकम लेकर आरोपी फरार हो गए।

दो दिन तक अवैध हिरासत में रखने का आरोप

शिकायत के अनुसार, रुपये वापस मांगने पर 14 मई को कुछ पुलिसकर्मी उसे उठाकर ले गए। पीड़ित ने आरोप लगाया कि उसे थाना बारादरी से जुड़े क्वार्टर में दो दिनों तक रखा गया और इस दौरान डराया-धमकाया गया। आरोप है कि छोड़ने के एवज में 50 हजार रुपये भी लिए गए तथा झूठे मुकदमे और एनकाउंटर में फंसाने की धमकी दी गई। 25 मई को एसएसपी अनुराग आर्य को दिए गए शिकायत पत्र में पीड़ित ने प्रॉपर्टी डीलर और अन्य आरोपियों के साथ-साथ संबंधित पुलिसकर्मियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने की मांग की। शिकायत की गंभीरता को देखते हुए एसएसपी ने मामले की जांच कराई, जिसके बाद प्रथम दृष्टया आरोपों को गंभीर मानते हुए चारों पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया गया।

पुलिस महकमे में मचा हड़कंप

पुलिसकर्मियों के निलंबन के बाद पुलिस विभाग में चर्चा तेज हो गई है। पूरे मामले की विभागीय और तथ्यात्मक जांच कराई जा रही है। जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी। एसएसपी अनुराग आर्य ने मामले की निष्पक्ष जांच के निर्देश देते हुए कहा है कि यदि जांच में किसी भी व्यक्ति की भूमिका सामने आती है तो उसके खिलाफ कानून के अनुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी। वहीं पीड़ित पक्ष ने पूरे मामले में न्याय की मांग की है और आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई किए जाने की अपेक्षा जताई है।

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