शाहजहांपुर। मुमुक्षु आश्रम के अधिष्ठाता और पूर्व केंद्रीय गृह राज्यमंत्री स्वामी चिन्मयानंद ने बुधवार को अपनी बड़ी शैक्षिक एवं भू-संपत्तियां स्वामी शुकदेवानंद विश्वविद्यालय (एसएसएमवी) के नाम दान कर दीं। करीब 222 करोड़ रुपये मूल्य की इन संपत्तियों के हस्तांतरण की प्रक्रिया सब रजिस्ट्रार कार्यालय में पूरी की गई। इस दौरान स्वामी चिन्मयानंद भावुक नजर आए और इसे शिक्षा साधना को जनता को समर्पित करने का क्षण बताया।
बुधवार दोपहर स्वामी चिन्मयानंद स्वयं सब रजिस्ट्रार कार्यालय पहुंचे, जहां सब रजिस्ट्रार धर्मेंद्र कुमार की मौजूदगी में दानपत्र की कानूनी प्रक्रिया पूरी कराई गई। दानपत्र अभिलेख पर राज्यपाल की ओर से क्षेत्रीय उच्च शिक्षा अधिकारी प्रो. सुधीर सिंह चौहान ने हस्ताक्षर किए। वहीं विश्वविद्यालय की ओर से कुलसचिव वीरेंद्र कुमार मौर्य और एसएस कॉलेज प्रबंध समिति के सचिव डॉ. अवनीश कुमार मिश्रा ने गवाह के रूप में हस्ताक्षर किए।
20 एकड़ में फैले कई शिक्षण संस्थान शामिल
दान की गई संपत्तियों में लगभग 20 एकड़ में फैले कई प्रमुख शिक्षण संस्थान शामिल हैं। इनमें एसएस कॉलेज, एसएस लॉ कॉलेज, श्री शंकर मुमुक्षु विद्यापीठ, स्वामी धर्मानंद इंटर कॉलेज और स्वामी धर्मानंद संस्कृत महाविद्यालय की भूमि प्रमुख रूप से शामिल है। बताया गया कि इन संस्थानों को अब विश्वविद्यालयीय ढांचे के अंतर्गत और अधिक विकसित किया जाएगा।
1989 में बदहाल थी शिक्षा व्यवस्था
स्वामी चिन्मयानंद ने कहा कि जब वह वर्ष 1989 में शाहजहांपुर आए थे, तब जिले की शिक्षा व्यवस्था बेहद कमजोर थी। संकल्प, सेवा और संस्कार के बल पर शिक्षा के क्षेत्र में नवजागरण का अभियान शुरू किया गया। उन्होंने बताया कि जिले का पहला सीबीएसई अंग्रेजी माध्यम विद्यालय श्री शंकर मुमुक्षु विद्यापीठ स्थापित कराया गया। साथ ही एसएस कॉलेज में 14 विषयों में परास्नातक कक्षाएं शुरू कराई गईं और विधि शिक्षा के लिए एसएस लॉ कॉलेज की स्थापना की गई।
योगी सरकार के प्रयासों का किया जिक्र
स्वामी चिन्मयानंद ने कहा कि लगभग छह दशक पहले स्वामी शुकदेवानंद ने जिस शिक्षण-साधना का सपना देखा था, वह अब मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के प्रयासों से साकार हो रहा है। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय को शाहजहांपुर की जनता को समर्पित करते हुए उन्हें आत्मिक संतोष और प्रसन्नता की अनुभूति हो रही है।
दो करोड़ से अधिक जमा हुआ रजिस्ट्रेशन शुल्क
सब रजिस्ट्रार धर्मेंद्र कुमार ने बताया कि दानपत्र के पंजीकरण के लिए उच्च शिक्षा विभाग की ओर से दो करोड़ 15 लाख 83 हजार 850 रुपये का रजिस्ट्रेशन शुल्क जमा किया गया। हालांकि राज्यपाल के नाम जमीन दान किए जाने के कारण स्टांप शुल्क नहीं लिया गया। इस मौके पर एसएसएमवी के सचिव अशोक अग्रवाल, अशोक सिंह, सुयश सिन्हा, रविशंकर बाजपेयी और रामनिवास गुप्ता समेत कई लोग मौजूद रहे।