प्रयागराज। उत्तर प्रदेश में इस वक्त आसमान से आग बरस रही है। भीषण लू और झुलसा देने वाली गर्मी के बीच मानसून 2026 को लेकर भी राहत देने वाली खबर नहीं आई है। दक्षिण-पश्चिम मानसून पिछले तीन दिनों से एक ही स्थान पर ठहरा हुआ है, जिससे प्रदेश में गर्मी का कहर और बढ़ने की आशंका जताई जा रही है। सबसे ज्यादा तापमान बांदा में 47.6 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जबकि प्रयागराज भी 46 डिग्री के पार पहुंच गया।
बांदा बना प्रदेश का सबसे गर्म जिला
मौसम विभाग के मुताबिक बुधवार को बांदा प्रदेश का सबसे गर्म जिला रहा। यहां पारा 47.6 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। प्रयागराज में 46.6 डिग्री तापमान दर्ज हुआ। इसके अलावा हमीरपुर और वाराणसी बीएचयू में 45.6 डिग्री, झांसी और आगरा में 44.8 डिग्री, कानपुर एयरफोर्स में 44.2 डिग्री और मथुरा-वृंदावन में 43 डिग्री तापमान रिकॉर्ड किया गया। तेज धूप और गर्म हवाओं ने लोगों का घरों से निकलना मुश्किल कर दिया है। दोपहर के समय सड़कों पर सन्नाटा दिखाई दे रहा है। अस्पतालों में भी हीट स्ट्रोक और डिहाइड्रेशन के मरीज बढ़ने लगे हैं।
मानसून की रफ्तार पर लगा ब्रेक
मौसम विभाग आईएमडी के अनुसार दक्षिण-पश्चिम मानसून 18 मई के बाद से आगे नहीं बढ़ पाया है। मानसून की उत्तरी सीमा एक ही स्थान पर स्थिर बनी हुई है। इससे मौसम वैज्ञानिकों की चिंता बढ़ गई है। माना जा रहा है कि मानसून की धीमी रफ्तार का असर उत्तर भारत की गर्मी पर साफ दिखाई देगा। सीएसए कानपुर के मौसम विशेषज्ञ डॉ. एसएन सुनील पांडेय ने बताया कि फिलहाल प्रदेश को गर्मी से राहत मिलने की संभावना कम है। अगले कुछ दिनों तक लू का प्रकोप जारी रह सकता है।
24-25 मई के बाद बदल सकते हैं हालात
आईएमडी की ताजा रिपोर्ट के मुताबिक अगले तीन से चार दिनों में दक्षिण-पूर्वी अरब सागर, बंगाल की खाड़ी और अंडमान सागर में परिस्थितियां अनुकूल बन सकती हैं। इसके बाद 24 या 25 मई के आसपास मानसून दोबारा सक्रिय होने की संभावना जताई गई है। हालांकि तब तक उत्तर प्रदेश समेत कई राज्यों को भीषण गर्मी और लू का सामना करना पड़ सकता है। मौसम विभाग ने लोगों को दोपहर में घर से बाहर न निकलने, पर्याप्त पानी पीने और सतर्क रहने की सलाह दी है।