लखनऊ/कन्नौज। उत्तर प्रदेश की राजनीति में शनिवार को बड़ा सियासी संदेश देखने को मिला, जब मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मंत्रिमंडल विस्तार में कन्नौज के तिर्वा से विधायक कैलाश सिंह राजपूत को राज्यमंत्री बनाया गया। लोधी राजपूत समाज में मजबूत पकड़ रखने वाले कैलाश सिंह राजपूत को मंत्रिमंडल में शामिल किए जाने को भाजपा का बड़ा सामाजिक और राजनीतिक संतुलन माना जा रहा है।
कानपुर से की पढ़ाई, पेशे से किसान और वकील
1959 में जन्मे कैलाश सिंह राजपूत ने कानपुर के वीएसडी कॉलेज से एलएलबी की पढ़ाई की। राजनीति में आने से पहले वह खेती और वकालत से जुड़े रहे। ग्रामीण इलाकों में उनकी पकड़ और जमीन से जुड़े नेता की छवि ने उन्हें धीरे-धीरे क्षेत्रीय राजनीति में मजबूत पहचान दिलाई।
चार बार विधायक बनने का रिकॉर्ड
कैलाश सिंह राजपूत पहली बार 1996 में भाजपा के टिकट पर विधायक बने। इसके बाद उन्होंने अलग-अलग राजनीतिक दलों के साथ भी सफर तय किया। 2007 में वह बसपा में शामिल हुए और उमर्दा सीट से विधायक बने। परिसीमन के बाद यह सीट तिर्वा विधानसभा क्षेत्र में शामिल हो गई। 2012 में उन्होंने समाजवादी पार्टी का दामन थामा, लेकिन चुनाव में हार का सामना करना पड़ा। इसके बाद 2017 में फिर भाजपा में वापसी की और तिर्वा सीट से जीत दर्ज की। 2022 विधानसभा चुनाव में भी उन्होंने जीत हासिल कर चौथी बार विधायक बनने का रिकॉर्ड कायम रखा।
लोधी वोट बैंक साधने की रणनीति
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि भाजपा ने 2027 के विधानसभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए सामाजिक समीकरण मजबूत करने की रणनीति अपनाई है। लोधी राजपूत समाज में प्रभाव रखने वाले कैलाश सिंह राजपूत को मंत्री बनाकर पार्टी ने बड़ा संदेश देने की कोशिश की है।
योगी सरकार में अब 54 मंत्री
योगी आदित्यनाथ सरकार 2.0 में अब मुख्यमंत्री और दो उपमुख्यमंत्रियों समेत कुल 54 मंत्री हो गए हैं। मंत्रिमंडल में 21 कैबिनेट मंत्री, 14 राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) और 18 राज्यमंत्री शामिल हैं। उत्तर प्रदेश में अधिकतम 60 मंत्री बनाए जा सकते हैं।
शपथ ग्रहण समारोह में जुटे बड़े नेता
लखनऊ में आयोजित शपथ ग्रहण समारोह में राज्यपाल आनंदी बेन पटेल ने सभी मंत्रियों को पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई। समारोह में उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य, ब्रजेश पाठक, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी समेत कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे।