बांसवाड़ा (राजस्थान)। आदिवासी अंचल बांसवाड़ा में रविवार की रात रिश्तों की एक मुलाकात खूनी संघर्ष में बदल गई। एक युवक का अपनी प्रेमिका से मिलना इतना भारी पड़ा कि लड़की पक्ष के लोगों ने उसे पकड़कर कुल्हाड़ी से गर्दन काट दी। हत्या की खबर जैसे ही दूसरे गांव पहुंची, दो गांव आमने-सामने आ गए—आगजनी, तोड़फोड़ और हिंसा की लपटों में पूरा इलाका सुलग उठा।
मुलाकात बनी मौत का कारण
सूत्रों के मुताबिक बस्सी आड़ा गांव का युवक गोविंद, टामटिया गांव की एक युवती से मिलने पहुंचा था। रात करीब 8 बजे लड़की के परिजनों ने दोनों को साथ देख लिया। इसके बाद गुस्से में बेकाबू हुए लोगों ने युवक को पकड़ लिया और बेरहमी से पीटना शुरू कर दिया। देखते ही देखते मामला इतना बढ़ गया कि कुल्हाड़ी से वार कर उसकी गर्दन धड़ से अलग कर दी गई।
हत्या के बाद भड़की हिंसा, घरों को बनाया निशाना
जैसे ही युवक की हत्या की खबर बस्सी आड़ा गांव पहुंची, सैकड़ों लोग आक्रोश में सड़कों पर उतर आए। दोनों गांवों के बीच हिंसक झड़प शुरू हो गई। कई घरों में तोड़फोड़ कर आग लगा दी गई। जानकारी के अनुसार 10 से 12 से ज्यादा मकान जलकर खाक हो गए, जबकि कुछ रिपोर्ट्स में यह संख्या 30 से भी ज्यादा बताई जा रही है। हालात इतने बिगड़ गए कि जब दमकल की गाड़ियां आग बुझाने पहुंचीं, तो भीड़ ने उन्हें गांव के बाहर ही रोक दिया, जिससे आग पर काबू पाने में भारी देरी हुई।
पूरी रात तैनात रहा पुलिस का पहरा
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस-प्रशासन हरकत में आया। एसपी सुधीर जोशी और कलेक्टर इंद्रजीत यादव खुद मौके पर पहुंचे। चार-पांच थानों की पुलिस फोर्स को तैनात किया गया और पूरी रात गांवों में गश्त जारी रही।
तनाव बरकरार, हालात नियंत्रण में लेकिन खतरा कायम
फिलहाल प्रशासन का दावा है कि स्थिति नियंत्रण में है, लेकिन दोनों गांवों में भारी तनाव बना हुआ है। किसी भी नई घटना को रोकने के लिए पुलिस बल लगातार निगरानी कर रहा है।