नई दिल्ली। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में शनिवार देर रात आग का ऐसा तांडव देखने को मिला, जिसने सैकड़ों परिवारों को बेघर कर दिया। पश्चिमी दिल्ली के पंजाबी बाग इलाके की झुग्गी बस्ती में भीषण आग लग गई, जिसमें 100 से ज्यादा झुग्गियां जलकर राख हो गईं। वहीं पूर्वी दिल्ली के लक्ष्मीनगर जे-एक्सटेंशन इलाके में ट्रांसफॉर्मर में लगी आग ने चार इमारतों को अपनी चपेट में ले लिया। राहत की बात यह रही कि दोनों घटनाओं में किसी के हताहत होने की खबर नहीं है, लेकिन नुकसान इतना बड़ा है कि लोगों के सामने अब सिर छुपाने तक की जगह नहीं बची।
पंजाबी बाग में देर रात भड़की आग, बस्ती बनी राख
जानकारी के मुताबिक, पंजाबी बाग थाना क्षेत्र के शकूरबस्ती स्थित सीमेंट साइडिंग इलाके में रात करीब 11:15 बजे आग लगने की सूचना मिली। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप धारण कर लिया और पूरी झुग्गी बस्ती को अपनी चपेट में ले लिया। आग इतनी तेजी से फैली कि लोगों को अपने घरों से सामान निकालने का भी मौका नहीं मिला। दमकल विभाग ने तत्काल कार्रवाई करते हुए करीब 16 से 17 फायर टेंडर मौके पर भेजे। करीब डेढ़ घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया। लेकिन तब तक सैकड़ों झुग्गियां पूरी तरह जलकर राख हो चुकी थीं।
आंखों के सामने जल गया सब कुछ
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, आग की लपटें इतनी तेज थीं कि आसमान तक धुआं ही धुआं नजर आ रहा था। लोग अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर भागते नजर आए। कई परिवारों का पूरा सामान—कपड़े, बर्तन, दस्तावेज—सब कुछ जलकर खाक हो गया। एक स्थानीय निवासी ने बताया कि वह काम से बाहर गया था, जब लौटा तो पूरी बस्ती जल चुकी थी। “अब हमारे पास कुछ भी नहीं बचा है, हम सड़क पर आ गए हैं,” उसकी आंखों में आंसू थे और आवाज कांप रही थी।
दमकल और पुलिस ने संभाला मोर्चा
आग की सूचना मिलते ही दिल्ली फायर सर्विस और पुलिस की टीमें तुरंत मौके पर पहुंच गईं। दमकल कर्मियों ने आग बुझाने के लिए लगातार पानी की बौछारें कीं और आसपास के इलाकों में आग फैलने से रोका। पुलिस ने भी मौके पर पहुंचकर लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने और भीड़ को नियंत्रित करने का काम किया। इसी दौरान पूर्वी दिल्ली के लक्ष्मीनगर जे-एक्सटेंशन इलाके में एक ट्रांसफॉर्मर में आग लगने से हड़कंप मच गया। देखते ही देखते आग ने पास की चार इमारतों को अपनी चपेट में ले लिया। इस घटना में करीब 14 फ्लैट प्रभावित हुए हैं। दमकल विभाग को इस घटना की सूचना रात करीब 12:45 बजे मिली। शुरुआत में चार फायर टेंडर भेजे गए, लेकिन आग की गंभीरता को देखते हुए बाद में इसे बढ़ाकर आठ कर दिया गया। कई घंटों की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया।
लोगों में दहशत, रातभर नहीं सो पाए परिवार
लक्ष्मीनगर इलाके में आग लगने के बाद लोगों में दहशत का माहौल बन गया। कई परिवार रातभर अपने घरों के बाहर खड़े रहे। लोगों को डर था कि कहीं आग फिर से न भड़क जाए। दमकल कर्मियों ने एहतियात के तौर पर आसपास के इलाकों में भी निगरानी जारी रखी। दोनों घटनाओं में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है, जो राहत की बात है। लेकिन आर्थिक नुकसान बेहद बड़ा है। झुग्गी बस्ती में रहने वाले गरीब परिवारों के पास अब कुछ भी नहीं बचा है। वहीं फ्लैटों में रहने वाले लोगों को भी भारी नुकसान उठाना पड़ा है।
कारणों की जांच शुरू
फिलहाल आग लगने के कारणों की जांच की जा रही है। प्राथमिक तौर पर पंजाबी बाग की झुग्गियों में शॉर्ट सर्किट या सिलेंडर ब्लास्ट की आशंका जताई जा रही है, जबकि लक्ष्मीनगर में ट्रांसफॉर्मर फॉल्ट को वजह माना जा रहा है। सहायक मंडल अधिकारी राजेश कुमार शुक्ला ने बताया कि कई कॉल्स मिलने के बाद टीम को तुरंत मौके पर भेजा गया और स्थिति को देखते हुए संसाधनों को बढ़ाया गया। इस हादसे के बाद प्रशासन के सामने सबसे बड़ी चुनौती प्रभावित परिवारों के पुनर्वास की है। सैकड़ों लोग बेघर हो गए हैं और उनके पास रहने, खाने और रोजमर्रा की जरूरतों के लिए कुछ भी नहीं बचा है। राहत कैंप और मदद की मांग तेज हो गई है।
बार-बार सामने आ रही आग की घटनाएं
दिल्ली में इस तरह की आग की घटनाएं कोई नई बात नहीं हैं। हर साल गर्मियों में झुग्गी बस्तियों और ट्रांसफॉर्मरों में आग लगने की घटनाएं सामने आती हैं, लेकिन इसके बावजूद ठोस उपाय नहीं किए जाते। यह सवाल अब भी बना हुआ है कि आखिर कब तक लोग इसी तरह अपनी जिंदगी की जमा पूंजी को आग में जलते हुए देखते रहेंगे? इस घटना ने एक बार फिर प्रशासन और सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। क्या झुग्गी बस्तियों में पर्याप्त सुरक्षा इंतजाम हैं? क्या ट्रांसफॉर्मरों की समय-समय पर जांच होती है? अगर इन सवालों के जवाब समय रहते मिल जाते, तो शायद इतना बड़ा नुकसान टाला जा सकता था।