बरेली। श्री के. कुमार एडवोकेट मेमोरियल नाइट क्रिकेट लीग का समापन रविवार रात बेहद उत्साह, रोमांच और खेल भावना के साथ हुआ। पूरे टूर्नामेंट में जहां खिलाड़ियों ने दमदार प्रदर्शन किया, वहीं फाइनल मुकाबले ने दर्शकों को आखिरी गेंद तक बांधे रखा। इस खास लीग की सबसे बड़ी बात यह रही कि इसमें भाग लेने वाले सभी खिलाड़ी Bareilly International University (BIU) के फैकल्टी सदस्य थे। शिक्षकों का मैदान पर उतरकर खेलना न सिर्फ अनोखा रहा, बल्कि छात्रों के लिए भी एक बड़ी प्रेरणा बना।
सेमीफाइनल से फाइनल तक का सफर
टूर्नामेंट में कुल 8 टीमों ने हिस्सा लिया, जिनमें से 4 टीमें सेमीफाइनल में पहुंचीं। इनमें आयुर्वेदिक स्पार्टन्स, RMCH टाइगर, अशोक किरण राइज़र और फार्मेसी किंग्स शामिल रहीं। फाइनल मुकाबला आयुर्वेदिक स्पार्टन्स और फार्मेसी किंग्स के बीच खेला गया। दोनों टीमों ने जोरदार टक्कर दी, लेकिन अंत में फार्मेसी किंग्स ने शानदार खेल दिखाते हुए खिताब अपने नाम कर लिया।
इन खिलाड़ियों ने मारी बाजी
टूर्नामेंट में कई खिलाड़ियों ने बेहतरीन प्रदर्शन कर व्यक्तिगत पुरस्कार अपने नाम किए
–सर्वश्रेष्ठ बल्लेबाज: डॉ. आदित्य
–सर्वश्रेष्ठ गेंदबाज: डॉ. अरुण
–सर्वश्रेष्ठ फील्डर: डॉ. इरफान
–मैन ऑफ द टूर्नामेंट: वैभव
–सर्वश्रेष्ठ प्रवक्ता: डॉ. फैज़ शम्सी
अतिथियों ने बढ़ाया खिलाड़ियों का उत्साह
समापन समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में डिप्टी सीएमओ डॉ. लाईक अंसारी मौजूद रहे। उन्होंने कहा कि खेल केवल प्रतिस्पर्धा नहीं, बल्कि अनुशासन, टीमवर्क और नेतृत्व का सशक्त माध्यम है। वहीं RMCH के प्राचार्य डॉ. राजनीश पठानिया ने कहा कि इस तरह के आयोजन संस्थान में सकारात्मक ऊर्जा और आपसी सहयोग को बढ़ावा देते हैं। डॉ. केशव, डॉ. अशोक अग्रवाल, डॉ. वरुण अग्रवाल और डॉ. लता अग्रवाल समेत अन्य गणमान्य लोगों ने भी खेलों के महत्व पर जोर देते हुए इसे फैकल्टी के बीच समन्वय और फिटनेस बढ़ाने का बेहतरीन प्रयास बताया।
आयोजन टीम की मेहनत लाई रंग
इस सफल आयोजन के पीछे कार्यसमिति की कड़ी मेहनत रही। डॉ. ताहिर, डॉ. दीपक, डॉ. पुष्पेंद्र, डॉ. रमजान, डॉ. आशुतोष सहित कई सदस्यों ने मिलकर इस लीग को यादगार बना दिया। पूरे टूर्नामेंट के दौरान खिलाड़ियों ने अनुशासन और खेल भावना का शानदार परिचय दिया। समापन समारोह में विजेता और उपविजेता टीमों को ट्रॉफी व पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया। यह लीग न सिर्फ खेल का मंच बनी, बल्कि शिक्षकों के बीच एकता, फिटनेस और टीम स्पिरिट को भी मजबूती देने का माध्यम साबित हुई।