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खरगोन। मध्य प्रदेश के खरगोन में 10 करोड़ रुपये की रंगदारी के लिए फायरिंग का सनसनीखेज मामला सामने आया है, जिसने पूरे इलाके में दहशत फैला दी है। अंतरराष्ट्रीय कनेक्शन वाले Lawrence Bishnoi Gang के गुर्गों ने एक कॉटन व्यवसायी के घर पर गोलियां बरसाईं और इस पूरी वारदात का वीडियो बनाकर खुद ही पीड़ित को भेज दिया। पुलिस ने अब तक इस मामले में 20 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, लेकिन घटना की भयावहता ने कानून-व्यवस्था पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं।

रंगदारी नहीं दी तो गोली और ग्रेनेड की धमकी

घटना 16-17 मार्च की दरमियानी रात की बताई जा रही है। पीड़ित व्यवसायी सत्येंद्र राठौड़ ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि उनके और उनके पिता दिलीप राठौड़ के व्हाट्सएप पर एक अंतरराष्ट्रीय नंबर से कॉल आया था। फोन करने वाले ने खुद को “हैरी बॉक्सर” बताते हुए Lawrence Bishnoi Gang का सदस्य बताया और 10 करोड़ रुपये की मांग की। धमकी दी गई कि यदि रकम नहीं दी गई तो अगली बार जान से मार देंगे और घर पर हथगोला फेंक दिया जाएगा। इसके बाद आरोपियों ने अपने इरादे दिखाने के लिए सीधे घर पर फायरिंग कर दी।

‘लाइव वीडियो’ बनाकर भेजा, दहशत फैलाने की साजिश

इस पूरे मामले का सबसे खौफनाक पहलू यह है कि आरोपियों ने फायरिंग का वीडियो खुद रिकॉर्ड किया और उसे पीड़ित को भेज दिया। करीब 6 सेकंड के इस वीडियो में दो बार गोली चलने की आवाज और पिस्टल साफ दिखाई दे रही है। पुलिस के मुताबिक, यह तरीका गैंग द्वारा दहशत फैलाने और अपनी पकड़ दिखाने के लिए अपनाया जाता है। यह वही पैटर्न है जो हाल ही में कॉमेडियन Kapil Sharma के कनाडा स्थित कैफे पर हुई फायरिंग में भी देखने को मिला था।

20 आरोपी गिरफ्तार, गैंग का नेटवर्क उजागर

खरगोन पुलिस ने इस मामले में तेजी दिखाते हुए अब तक कुल 20 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। पहले 18 आरोपियों को पकड़ा गया था, जबकि हाल ही में दो और आरोपियों को दबोचा गया। इनमें धार जिले के करौली निवासी सालिग्राम उर्फ संजय पाटीदार और उज्जैन के नागदा निवासी योगेश भाटी शामिल हैं। पुलिस के अनुसार, योगेश भाटी मध्य प्रदेश में गैंग के ऑपरेटिव राजपाल सिंह का करीबी सहयोगी है।

करोड़ों का सामान और लग्जरी कार जब्त

गिरफ्तार आरोपियों के पास से पुलिस ने बड़ी मात्रा में सामान भी बरामद किया है। सालिग्राम के कब्जे से करीब 10 लाख रुपये कीमत की ब्रेजा कार और मोबाइल फोन जब्त किया गया है। वहीं, योगेश भाटी से भी मोबाइल फोन बरामद हुआ है। हालिया कार्रवाई में करीब 10.40 लाख रुपये का मशरुका जब्त किया गया है, जबकि पहले की कार्रवाई में करीब 70 लाख रुपये का सामान जब्त किया जा चुका है।

गैंग के सदस्य अलग-अलग भूमिकाओं में सक्रिय

जांच में यह बात सामने आई है कि इस पूरे नेटवर्क में शामिल आरोपी अलग-अलग जिम्मेदारियां निभा रहे थे। कोई रेकी कर रहा था, कोई हथियार उपलब्ध करा रहा था, तो कोई गैंग के संपर्क और समन्वय का काम कर रहा था। पुलिस के अनुसार, यह सिर्फ एक रंगदारी का मामला नहीं बल्कि एक संगठित अंतरराष्ट्रीय आपराधिक सिंडिकेट का हिस्सा है।

आरोपी का लंबा आपराधिक इतिहास

गिरफ्तार आरोपी योगेश भाटी का आपराधिक रिकॉर्ड भी काफी लंबा बताया जा रहा है। उसके खिलाफ दिल्ली स्पेशल सेल समेत कई राज्यों में गंभीर धाराओं में मुकदमे दर्ज हैं। यह जानकारी सामने आने के बाद पुलिस अब इस पूरे नेटवर्क की गहराई से जांच कर रही है, ताकि गैंग के अन्य लिंक और सरगनाओं तक पहुंचा जा सके।

एसपी का बयान: हर कड़ी को तोड़ा जाएगा

खरगोन के पुलिस अधीक्षक Ravindra Verma ने साफ कहा है कि यह मामला बेहद गंभीर है और इसमें शामिल हर आरोपी को पकड़ा जाएगा। उन्होंने कहा, “यह सिर्फ रंगदारी नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय सिंडिकेट का हिस्सा है। हम हर उस कड़ी को तोड़ेंगे जो मध्य प्रदेश में इस गैंग के लिए जमीन तैयार कर रही है।”

पीड़ित का आरोप: मुख्य साजिशकर्ता अब भी बाहर

पीड़ित दिलीप राठौड़ ने पुलिस अधीक्षक और विधानसभा अध्यक्ष को लिखित शिकायत देकर आरोप लगाया है कि मुख्य साजिशकर्ता को अभी तक आरोपी नहीं बनाया गया है। हालांकि पुलिस का कहना है कि दो मुख्य साजिशकर्ता गिरफ्तार हो चुके हैं और जांच के दौरान जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

कानून-व्यवस्था पर उठे सवाल

इस घटना ने एक बार फिर मध्य प्रदेश में कानून-व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। जिस तरह से खुलेआम फायरिंग कर वीडियो बनाकर भेजा गया, वह अपराधियों के बढ़ते हौसले को दिखाता है। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे मामलों में त्वरित और सख्त कार्रवाई ही अपराधियों के मन में डर पैदा कर सकती है।

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