बिजनौर। संवाददाता देश की सुरक्षा को दहलाने वाली एक बड़ी साजिश का पर्दाफाश करते हुए बिजनौर पुलिस ने समय रहते आतंकियों के मंसूबों पर पानी फेर दिया। रेलवे नेटवर्क को निशाना बनाकर बड़े हादसे की योजना बनाई जा रही थी, लेकिन पुलिस की सतर्कता ने इस खतरनाक खेल को बेनकाब कर दिया। इस मामले में अब तक सात आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है, जबकि कई और संदिग्धों की तलाश जारी है।
रेल हादसे की साजिश: ट्रैक उड़ाने की थी तैयारी
पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपी संगठित तरीके से रेलवे नेटवर्क को नुकसान पहुंचाने की योजना बना रहे थे। उनका मकसद था बड़े स्तर पर ट्रेन हादसा कराना, जिससे देश में अफरा-तफरी और भय का माहौल बनाया जा सके। सूत्रों के मुताबिक, आरोपियों ने सोशल मीडिया और एन्क्रिप्टेड ऐप्स के जरिए संपर्क बनाकर पूरी साजिश को अंजाम देने की रणनीति तैयार की थी। रेलवे ट्रैक के साथ छेड़छाड़ और विस्फोटक जैसी गतिविधियों पर भी चर्चा हुई थी।
इंस्टाग्राम कॉल में दिखाए हथियार, विदेश से जुड़े तार
इस पूरे नेटवर्क का खुलासा उस वक्त हुआ जब पुलिस ने नजीबाबाद निवासी समीर उर्फ रुहान को गिरफ्तार किया। पूछताछ में पता चला कि वह एक इंस्टाग्राम वीडियो कॉल का हिस्सा था, जिसमें सऊदी अरब में बैठे आकिब नाम के व्यक्ति ने कथित तौर पर AK-47 और हैंड ग्रेनेड जैसे हथियार दिखाए थे। इस कॉल में शामिल उवैद और जलाल हैदर पहले ही गिरफ्तार किए जा चुके हैं। वहीं, आकिब और मैजुल के खिलाफ लुकआउट नोटिस जारी किया गया है। पुलिस को शक है कि ये लोग अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क से जुड़े हो सकते हैं।
धार्मिक पहचान पर हमला: कार में लगाई आग
इस साजिश का दूसरा खतरनाक पहलू किरतपुर में सामने आया, जहां एक कार को धार्मिक पहचान के आधार पर आग के हवाले कर दिया गया। इस मामले में जैसलमेर निवासी राजू राम गोदारा को गिरफ्तार किया गया है। जांच में खुलासा हुआ कि आरोपी अबुजर ने मुंबई में रहने वाले अपने रिश्तेदार जैद के निर्देश पर यह वारदात की थी। घटना के बाद वीडियो और फोटो भेजकर उसे रिपोर्ट किया गया था। यह सब एक संगठित नेटवर्क के तहत किया जा रहा था।
टेलीग्राम ग्रुप से मिल रहे थे टास्क, पैसों का लालच
पुलिस जांच में एक बड़ा खुलासा यह भी हुआ कि आरोपियों को टेलीग्राम ग्रुप के जरिए टारगेट दिए जा रहे थे। “अबूबकर” नाम के शख्स ने हिंदू समुदाय की संपत्तियों को निशाना बनाने के निर्देश दिए थे। इसके बदले आरोपियों को पैसे देने का लालच दिया गया था। यह पूरा मॉड्यूल सांप्रदायिक तनाव फैलाने और समाज को बांटने की साजिश का हिस्सा था।
पाकिस्तानी कनेक्शन की एंट्री, दो नंबर मिले
जांच के दौरान पुलिस को दो संदिग्ध पाकिस्तानी नंबर भी मिले हैं, जिनसे इस नेटवर्क को निर्देश दिए जा रहे थे। इससे मामले ने और गंभीर रूप ले लिया है। खुफिया एजेंसियां भी अब सक्रिय हो गई हैं और अंतरराष्ट्रीय कनेक्शन की गहराई से जांच की जा रही है। यह आशंका जताई जा रही है कि पूरा नेटवर्क सीमा पार से संचालित हो सकता है।
पुलिस का दावा: बड़ा हादसा टल गया, जांच जारी
बिजनौर पुलिस का कहना है कि समय रहते कार्रवाई कर एक बड़े रेल हादसे और सांप्रदायिक हिंसा को टाल दिया गया है। फिलहाल सभी आरोपियों से गहन पूछताछ की जा रही है और अन्य संदिग्धों की तलाश में दबिश जारी है। अधिकारियों के मुताबिक, यह मामला सिर्फ स्थानीय नहीं बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा हुआ है, इसलिए हर पहलू की बारीकी से जांच की जा रही है।
मामले की मुख्य बातें (बॉक्स)
- 7 आरोपी गिरफ्तार, कई फरार
- रेलवे नेटवर्क को नुकसान पहुंचाने की साजिश
- सोशल मीडिया और टेलीग्राम के जरिए संपर्क
- धार्मिक आधार पर संपत्ति को निशाना बनाने की योजना
- पाकिस्तानी नंबर से निर्देश मिलने की आशंका