लखनऊ। रक्षाबंधन पर भाई की कलाई में बंधने वाला रेशमी धागा अब सोने-चांदी और हीरे की चमक बिखेर रहा है। राजधानी के सर्राफा बाजार में इस बार कीमती और कस्टमाइज्ड राखियों का क्रेज सिर चढ़कर बोल रहा है। कोई चांदी की राखी खरीद रहा है तो कोई भाई के नाम और हीरे से सजी गोल्ड राखी बनवा रहा है। बाजार में एक राखी की कीमत तो 2.75 लाख रुपये तक पहुंच गई है।

रक्षाबंधन को लेकर चौक और अमीनाबाद के ज्वेलरी बाजारों में खरीदारों की भीड़ बढ़ गई है। कारोबारियों के मुताबिक पारंपरिक राखियों के साथ इस बार ऐसी राखियों की मांग तेजी से बढ़ी है, जिन्हें त्योहार के बाद ब्रेसलेट या ज्वेलरी के रूप में भी इस्तेमाल किया जा सके।

2.75 लाख की डायमंड राखी ने खींचा ध्यान

चौक सर्राफा एसोसिएशन के वाइस प्रेसिडेंट आदेश जैन के मुताबिक इस बार सोने, चांदी और हीरे की राखियों की अच्छी मांग है। खरीदार खास डिजाइन और कस्टमाइजेशन को प्राथमिकता दे रहे हैं। एक ग्राहक ने अपने भाई के लिए करीब 2.75 लाख रुपये की डायमंड राखी विशेष रूप से तैयार कराई है। बहनों के साथ भाई भी खरीदारी में पीछे नहीं हैं। बहनों को रक्षाबंधन का यादगार तोहफा देने के लिए हल्के वजन वाले गोल्ड चार्म ब्रेसलेट, पेंडेंट, चेन और कंठी सेट खरीदे जा रहे हैं।

विदेश से आई बहन ने भाइयों के लिए खरीदी चांदी की राखी

चौक बाजार पहुंचीं पूजा रावत ने अपने भाइयों के लिए 10 ग्राम की तीन चांदी की राखियां खरीदीं। उनका कहना है कि वह कनाडा में रहती हैं और हर साल सामान्य राखियां भेजती थीं। इस बार रक्षाबंधन के दौरान यहां मौजूद होने के कारण उन्होंने भाइयों की कलाई के लिए चांदी की राखियां चुनीं।

‘ईविल-आई’ से रुद्राक्ष तक, डिजाइन में भी प्रयोग

अमीनाबाद के ज्वेलरी बाजार में भी नए डिजाइन खरीदारों को आकर्षित कर रहे हैं। इशिता थापर ने अपने भाई के लिए ‘ईविल-आई’ डिजाइन वाली 12 ग्राम सोने की राखी के साथ आठ ग्राम गोल्ड ब्रेसलेट राखी और आठ ग्राम की रुद्राक्ष-सिल्वर राखी खरीदी। वहीं विरेन आहूजा ने अपनी बहनों के लिए सात ग्राम वजन वाले तीन गोल्ड ब्रेसलेट और 14 ग्राम का हल्का गोल्ड पेंडेंट-इयररिंग सेट पसंद किया।

250 रुपये से 35 हजार तक चांदी की राखियां

चांदी की राखियों में हर बजट के विकल्प मौजूद हैं। चौक सर्राफा एसोसिएशन के जनरल सेक्रेटरी विनोद माहेश्वरी के मुताबिक सिल्वर राखियों की कीमत करीब 250 रुपये से शुरू होकर 35 हजार रुपये तक पहुंच रही है। डायमंड जड़ी राखियां, नाम लिखवाने की सुविधा और हल्के डिजाइन खासे पसंद किए जा रहे हैं।

दो साल बाद घर आ रहा भाई, नाम वाली डायमंड राखी तैयार

रक्षाबंधन को खास बनाने के लिए रितिका अग्रवाल ने पांच ग्राम सोने की ऐसी राखी खरीदी है, जिसमें हीरा जड़ा होने के साथ उनके भाई का नाम भी लिखा गया है। उनका भाई मर्चेंट नेवी में अधिकारी है और दो साल बाद रक्षाबंधन पर घर आ रहा है। इसलिए उन्होंने इस बार सामान्य राखी की जगह यादगार ज्वेलरी राखी को चुना।

राखी ही नहीं, गिफ्ट बाजार भी चमका

रक्षाबंधन की खरीदारी का असर दूसरी ज्वेलरी पर भी दिखाई दे रहा है। चांदी की थालियां, गिलास और हल्के सिल्वर सेट की बिक्री बढ़ी है। वहीं बहनों को उपहार देने के लिए गोल्ड पेंडेंट सेट, पायल, स्टड, चार्म ब्रेसलेट और हल्के कंठी सेट की मांग बनी हुई है। त्योहार के इस बदले ट्रेंड में राखी अब सिर्फ भाई की कलाई पर कुछ दिनों तक बंधने वाला धागा नहीं, बल्कि लंबे समय तक संभालकर रखी जाने वाली ज्वेलरी में तब्दील होती दिखाई दे रही है।

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